अफ़ग़ानिस्तान में रक्तपात को जायज़ ठहराना इस्लाम के विरुद्ध

  • News Code : 655135
  • Source : एरिब.आई आर
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अफ़ग़ानिस्तान की धार्मिक परिषद ने जमीअते ओलमाए पाकिस्तान के उस बयान की निंदा की है जिसमें उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध को वैध बताया है।

अफ़ग़ानिस्तान की धार्मिक परिषद ने जमीअते ओलमाए पाकिस्तान के उस बयान की निंदा की है जिसमें उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध को वैध बताया है।
अफ़ग़ानिस्तान की धार्मिक परिषद ने रविवार को एक बयान जारी के मौलाना फ़ज़लुर्रहमान के बयान को ग़लत बताते हुए बल दिया कि अफ़ग़ानिस्तान में इस्लामी क़ानून है और इस देश के लोग भी मुसलमान हैं और इस देश के संबंध में इस प्रकार के फ़त्वे का धार्मिक और इस्लामी दृष्टि से कोई आधार नहीं है।
अफ़ग़ान धार्मिक परिषद ने इसी प्रकार अपने बयान में काबुल और पकतीका प्रांत में हुए हालिया हमलों की निंदा करते हुए सरकार से इस प्रकार के हमलों की रोकथाम कराने की मांग की है। काबुल और पकतीका में हुए आतंकी हमलों में दसियों लोग हताहत व घायल हुए थे।
हालिया दिनों में अफ़ग़ानिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में आतंकी हमलों में वृद्धि हुई है और तालेबान ने वाशिंग्टन- काबुल सुरक्षा समझौते का विरोध करते हुए हमलों में तेज़ी की धमकी दी थी। अफ़ग़ानिस्तान धार्मिक परिषद का यह बयान ऐसी स्थिति में सामने आया है कि काबुल में मौजूद अमरीकी राजदूत ने अफ़ग़ानिस्तान में शांति व सुरक्षा तथा अमरीकी सैनिकों के अभियान की समाप्ति की प्रशंसा की थी।


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