बहरैन में विरोधियों को मौत की सज़ा पर ह्यूमन राइट्स वॉच ने चेतावनी दी।

  • News Code : 806856
  • Source : विलायत पोर्टल
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ह्यूमन राइट्स वॉच ने चेताया है कि बहरैनी सरकार दो और लोगो को दिखावटी अदालती कार्यवाही के बाद मृत्यु दंड दे सकती है

ह्यूमन राइट्स वॉच ने चेताया है कि बहरैनी सरकार दो और लोगो को दिखावटी अदालती कार्यवाही के बाद मृत्यु दंड दे सकती है ह्यूमन राइट्स वॉच ने आज कहा है कि आले खलीफा शासन अपने सियासी विरोधी रमजान ईसा और हुसैन अली मूसा को मृत्यु दंड दे सकता है बहरैन की एक अदालत ने इन दोनों मानवाधिकार कार्यकर्ताओ को फरवरी २०१४ में अलदेर नामक गांव में एक बम धमाके और एक पुलिस अफसर के क़त्ल के आरोप का दोषी मानते हुवे मृत्यु दंड दिया है मानवाधिकार आयोग के प्रवक्ता ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ३ कार्यकर्ताओ को ऐसे ही मामले में दोषी करार देकर दी जाने वाली सज़ा ने और अधिक चिंतित कर दिया है
बहरैन की एक अदालत ने ९ जनवरी को समी मशिमा अब्बास जमील ताहिर समी और अली अब्दुल शहीद की अपील पर पुनः सुनवाई करते हुए उन्हें बम धमाके का अपराधी माना। बहरैन सरकार ने इन तीनो को मार्च २०१४ में मनामा कि नज़दीक एक गांव में बम ब्लास्ट का दोषी माना था जिसमे कुछ पुलिस अफसरों की मौत हो गई थी। इस अदालत ने सात आरोपियों को आजीवन कारावास और आठ दूसरो से देश की नागरिकता छीन लेने का फरमान सुनाया था जबकि आरोपी अपनी बेगुनाही की दुहाई देते रहे। मानवाधिकार संगठन इस बात पर एकमत थे कि इन लोगो ने पुलिस के टॉर्चर करने पर इक़बाले जुर्म किया था। मिडिल ईस्ट में ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा है कि बहरैनी सरकार को किसी भी परिस्थि में इन दो युवको को मृत्यु दंड नहीं देना चाहिए इस बात के पुख्ता सुबूत है के उनसे टॉर्चर करके जुर्म क़बूलवाया गया है। उन्होंने बिर्टेन, फ्रांस, इटली और यूरोपीय यूनियन से अपील कि है के वह खुल कर इस केस कि निंदा करे और इन दोनों को सजा मिलने से पहले ही इस हुक्म का विरोध करें।


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