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इस्राईली सैन्य ख़ुफ़िया एजेंसी के प्रमुख ने स्वीकारा।

सऊदी अरब इस्राईल को 33 दिवसीय युद्ध में ख़ुफ़िया सेवाएं प्रदान करता रहा है।

  • News Code : 767768
  • Source : अल-आलम
Brief

यह इस्राईली अफसर इस्राईल की ओर से हिज़बुल्लाह के खिलाफ़ लड़ाई में कि जो 33 दिवसीय युद्ध के नाम से प्रसिद्ध है 2006 से 2009 तक इस्राईली सैन्य ख़ुफिया एजेंसी का प्रमुख रह चुका है। आमोस यादलीन “ने फ्रांस 24 के साथ इंटरव्यू में स्वीकार करते हुए बताया कि 33 दिवसीय जंग में सऊदी अरब इस्राईल को ख़ुफ़िया सेवाएं प्रदान करता रहा है।

अहलेबैत समाचार एजेंसी अबनाः हिज़बुल्लाह के खिलाफ़ 33 दिवसीय युद्ध में इस्राईली सैन्य ख़ुफ़िया एजेंसी के प्रमुख रह चुके अफ़सर ने स्वीकार किया है कि सऊदी अरब 33 दिवसीय युद्ध के दौरान इस्राईल को भरपूर ख़ुफ़िया सेवाएं प्रदान करता रहा है।
यह इस्राईली अफसर इस्राईल की ओर से हिज़बुल्लाह के खिलाफ़ लड़ाई में कि जो 33 दिवसीय युद्ध के नाम से प्रसिद्ध है 2006 से 2009 तक इस्राईली सैन्य ख़ुफिया एजेंसी का प्रमुख रह चुका है। आमोस यादलीन “ने फ्रांस 24 के साथ इंटरव्यू में स्वीकार करते हुए बताया कि 33 दिवसीय जंग में सऊदी अरब इस्राईल को ख़ुफ़िया सेवाएं प्रदान करता रहा है।
आमोस यादलीन जो कि इस समय इस्राईली सुरक्षा अध्ययन केंद्र के प्रमुख है ने फ्रांस 24 के साथ साक्षात्कार में कहा: रियाद और तेल अवीव के बीच राजनयिक संबंध न होने के बावजूद दोनों के लिए साझा खतरा, ईरान से निपटने के लिए सहयोग करने के लिए मजबूर कर दिया है।
बादलीन ने साक्षात्कार में ईरान को मध्य पूर्व में सऊदी अरब और इस्राईल के लिए खतरा बताते हुए कहा: यह सम्बंध गुप्त रूप से अंजाम पाते हैं और अगर इस्राईल और फ़िलिस्तीन के बीच सुलह होती है तो यह सम्बंध सामने आ सकते हैं।
पूर्व इस्राईली ख़ुफ़िया एजेंसी के प्रमुख ने ईरानी दावे कि सऊदी अरब हिजबुल्लाह के खिलाफ इस्राईल को ख़ुफ़िया जानकारियां प्रदान करता है की पुष्टि की।

अहलेबैत समाचार एजेंसी अबनाः हिज़बुल्लाह के खिलाफ़ 33 दिवसीय युद्ध में इस्राईली सैन्य ख़ुफ़िया एजेंसी के प्रमुख रह चुके अफ़सर ने स्वीकार किया है कि सऊदी अरब 33 दिवसीय युद्ध के दौरान इस्राईल को भरपूर ख़ुफ़िया सेवाएं प्रदान करता रहा है।
यह इस्राईली अफसर इस्राईल की ओर से हिज़बुल्लाह के खिलाफ़ लड़ाई में कि जो 33 दिवसीय युद्ध के नाम से प्रसिद्ध है 2006 से 2009 तक इस्राईली सैन्य ख़ुफिया एजेंसी का प्रमुख रह चुका है। आमोस यादलीन “ने फ्रांस 24 के साथ इंटरव्यू में स्वीकार करते हुए बताया कि 33 दिवसीय जंग में सऊदी अरब इस्राईल को ख़ुफ़िया सेवाएं प्रदान करता रहा है।
आमोस यादलीन जो कि इस समय इस्राईली सुरक्षा अध्ययन केंद्र के प्रमुख है ने फ्रांस 24 के साथ साक्षात्कार में कहा: रियाद और तेल अवीव के बीच राजनयिक संबंध न होने के बावजूद दोनों के लिए साझा खतरा, ईरान से निपटने के लिए सहयोग करने के लिए मजबूर कर दिया है।
बादलीन ने साक्षात्कार में ईरान को मध्य पूर्व में सऊदी अरब और इस्राईल के लिए खतरा बताते हुए कहा: यह सम्बंध गुप्त रूप से अंजाम पाते हैं और अगर इस्राईल और फ़िलिस्तीन के बीच सुलह होती है तो यह सम्बंध सामने आ सकते हैं।
पूर्व इस्राईली ख़ुफ़िया एजेंसी के प्रमुख ने ईरानी दावे कि सऊदी अरब हिजबुल्लाह के खिलाफ इस्राईल को ख़ुफ़िया जानकारियां प्रदान करता है की पुष्टि की।


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