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अमरीका में फ़िलिस्तीन समर्थक छात्रों पर कड़ी नज़र

  • News Code : 692469
  • Source : wilayat.in
Brief

अमरीका में फ़िलिस्तीन समर्थक छात्र कार्यकर्ताओं को ग्रेजुएट होने के बाद नौकरी से रोकने के लिए एक अज्ञात वेबसाइट इन छात्रों की प्रोफ़ाइल प्रकाशित कर रही है।

अमरीका में फ़िलिस्तीन समर्थक छात्र कार्यकर्ताओं को ग्रेजुएट होने के बाद नौकरी से रोकने के लिए एक अज्ञात वेबसाइट इन छात्रों की प्रोफ़ाइल प्रकाशित कर रही है।
कनेरी मिशन नामक इस वेबसाइट ने 54 फ़िलिस्तीन समर्थक कार्यकर्ताओं की तस्वीरें और सोशल मीडिया में उनके लिंक्स प्रकाशित किया गया है। जिसमें यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट और प्रोफ़ेसर शामिल हैं।
इस वेबसाइट पर मौजूद मुसलमान विरोधी एक वीडियो संदेश में कहा गया है, “यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि आज के शिद्दत पसंद आने वाले कल में नौकरीपेशा न बनने पाएं।
कनेरी मिशन वेबसाइट के इस क़दम पर कार्यकर्ताओं ने कहा कि वेबसाइट पर नाम का उल्लेख एक तरह का ज़ुल्मों सितम है और इसके पीछे नफ़रत और भेदभाव की भावना छुपी हुई है।
जिन लोगों के नाम कनेरी मिशन वेबसाइट पर प्रकाशित किये गए है उसमें इस्राईल पर राजनैतिक और आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए गठित बी डी एस अभियान के संस्थापक उमर बरग़ूसी का नाम भी शामिल है। ज्ञात रहे अभी हाल में यूरोप में इस्राईल के उत्पाद के बहिष्कार की मांग की गयी थी।
इस्राईल के ख़िलाफ़ बी डी एस अभियान जुलाई 2005 में शुरु हुआ है। प्रतिबंध,बाइकाट और विनिवेश की मांग पर आधारित बी डी एस अभियान इस्राईल से फ़िलिस्तीन का अतिग्रहण ख़त्म करने और फ़िलिस्तीनी ज़मीनों पर नाजाएज़ कालोनियों के निर्माण को रोकने तथा फ़िलिस्तीनियों को फ़िलिस्तीन वापसी का अधिकार दिए जाने की मांग करता है। संयुक्त राष्ट्र संघ भी अतिग्रहित फ़िलिस्तीनी इलाक़ों पर इस्राईल द्वारा कॉलोनियों के निर्माण को अवैध कहता है।
बी डी एस अभियान जुलाई 2005 में 171 फ़िलिस्तीनी संगठनों ने शुरु किया है।
ज्ञात रहे कनेरी मिशन वेबसाइट एक ओर फ़िलिस्तीन समर्थक कार्यकर्ताओं की पहचान को प्रकाशित कर रही है किन्तु दूसरी तरफ़ अपने सदस्यों और समर्थकों की पहचान को पूरी तरह छिपाती है।  
इस वेबसाइट पर काम करने वाले सदस्यों, स्वंयसेवियों, दान करने वाले लेगों का नाम प्रकाशित नहीं किया गया है।
फ़िल्म निर्माता रिबेका पीअर्स को सबसे पहले पता चला कि उनकी प्रोफ़ाइल को कनेरी मिशन ने प्रकाशित किया है जब इस वेबसाइट ने उन्हें “रैडकल ऑफ़ द डे” लिखा।
रिबेका पिअर्स ने द गार्डियन को मेल में लिखा, “यह वेबसाइट हमारी सक्रियतावाद के बारे में जातीवादी भावना से भरी हुई है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों के अहिंसा पर आधारित अभियान को यहूदी विरोधी और आतंकी दर्शाना चाहती है। मुझे इस बात की फ़िक्र है कि भविष्य में कंपनियां जब इसे देखेंगी तो उनके मन में ग़लत विचार आएगा, लेकिन मैं अपने अभियान के साथ रहूंगी और जातीवादी चरमपंथियों को इस बात की इजाज़त नहीं दूंगी कि मुझे धमकाएं।”


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