?>

7000 बंदी तालेबान को आज़ाद किया जाए तभी वार्ता संभवः नईम वरदक

7000 बंदी तालेबान को आज़ाद किया जाए तभी वार्ता संभवः नईम वरदक

तालेबान के प्रवक्ता ने कहा है कि अफ़ग़ानियों के बीच शांति वार्ता उसी स्थिति में संभव है जब हमारे बंदी सात हज़ार तालेबान को स्वतंत्र किया जाए।

तसनीम समाचार एजेन्सी के अनुसार मुहम्मद नईम वरदक ने क़तर में कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान की सरकार के साथ वार्ता के लिए हमारी दो शर्तें हैं।  एक यह कि सात हज़ार बंदी तालेबान को आज़ाद किया जाए और अफ़ग़ानिस्तान में इस्लामी सरकार का गठन किया जाए।  तालेबान के प्रवक्ता ने क़तर में शांतिवार्ता आरंभ होने से पहले संचार माध्यमों को बताया था कि उनका गुट, अफ़ग़ानिस्तान में इस्लामी शासन व्यवस्था के गठन तक संघर्ष करता रहेगा।  अफ़ग़ानिस्तान की सरकार ने बारंबार एलान किया है कि शांति वार्ता के लिए देश में संघर्ष विराम किया जाना हमारी प्राथमिकता है और वार्ता के साथ संघर्ष का जारी रहना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

ज्ञात रहे कि तालेबान के प्रवक्ता का यह बयान एसी स्थिति में आया है कि इससे पहले अमरीका के साथ हुई विफल वार्ता के लिए तालेबान ने अपने 5000 बंदियों की स्वतंत्रता की मांग रखी थी जिसको अशरफ़ ग़नी की सरकार ने मान लिया था।  जिन तालेबान को आज़ाद किया गया उनमें कुछ ख़तरनाक तालेबान भी थे।


अपना कमेंट भेजें

आपका ईमेल शो नहीं किया जायेगा. आवश्यक फ़ील्ड पर * का निशान लगा है

*