?>

31वें दिन भी भारतीय किसानों का धरना जारी, सरकार को वार्ता की नई तारीख़ दी, एनडीए को लगा झटका, गठजोड़ से एक और दल निकला

31वें दिन भी भारतीय किसानों का धरना जारी, सरकार को वार्ता की नई तारीख़ दी, एनडीए को लगा झटका, गठजोड़ से एक और दल निकला

भारत की केंद्र सरकार को नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे किसानों ने बातचीत की नई तारीख़ दी है।

भारत में नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन पर बैठे किसानों ने सरकार से फिर से बातचीत शुरू करने का फ़ैसला किया है। शनिवार को किसान नेताओं की बैठक के बाद भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष राकेश टिकैत ने कहा कि किसान नेताओं ने सरकार के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का फ़ैसला किया है। उन्होंने कहा कि सरकार से बातचीत के लिए 29 दिसम्बर को सुबह 11 बजे बैठक का प्रस्ताव भेजा गया है। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार को अपनी ओर से बैठक का एजेंडा भी भेजा है जिस पर वो बातचीत करना चाहते हैं। राकेश टिकैत ने कहा कि तीन कृषि क़ानूनों को निरस्त करना और एमएसपी के लिए क़ानूनी गारंटी उपलब्ध कराना सरकार के साथ बातचीत का एजेंडा होना चाहिए। कृषि सुधार क़ानूनों के विरोध में किसान संगठनों की ओर से किए जा रहे आंदोलन का शनिवार को 31वां दिन है। इन संगठनों की ओर से भारत की राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर लगातार धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इस बीच संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक भी हुई जिसमें सरकार की ओर से आए बातचीत के प्रस्ताव तथा अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।

 

उधर नए कृषि कानूनों का विरोध अब एनडीए के अंदर भी तेज़ हो गया है। अकाली दल के बाद शनिवार को राजग की सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) भी गठबंधन से अलग हो गई। अलवर के शाहजहांपुर-खेड़ा बॉर्डर पर इस दल के संयोजक और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने राजग से अलग होने का ऐलान किया। बेनीवाल ने 19 दिसंबर को संसद की तीन समितियों से इस्तीफ़ा दे दिया था। बेनीवाल ने कहा कि आज से भाजपा से अलायंस ख़त्म हो गया। किसानों के लिए ज़रूरत पड़ी तो सांसद पद से भी इस्तीफ़ा दे दूंगा। उन्होंने कहा कि अगर क़ानून लाते समय मैं संसद में होता, तो यह काग़ज़ फाड़ देता। 


अपना कमेंट भेजें

आपका ईमेल शो नहीं किया जायेगा. आवश्यक फ़ील्ड पर * का निशान लगा है

*