?>

हिज़्बुल्लाह निर्णायक संभावना से लैस हैः सैयद हसन नसरुल्लाह

हिज़्बुल्लाह निर्णायक संभावना से लैस हैः सैयद हसन नसरुल्लाह

सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि सवाल किया जाना चाहिये कि इराक और सीरिया में पैसों और हथियारों से दाइश का समर्थन कौन करता था?

लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने कहा है कि क्षेत्र में जो वातावरण है अमेरिका, कुछ देश और संचार माध्यम उसे हवा देना चाहते हैं और इसका लाभ उठाकर जायोनी शासन द्वारा युद्ध छेड़ दिये जाने की संभावना है।

सैयद हसन नसरुल्लाह ने गुरूवार को बल देकर कहा कि फार्स खाड़ी के कुछ अरब देश, अमेरिका और जायोनी शासन ने अभी हाल ही में लेबनान के विरुद्ध युद्ध के संबंध में अफवाह फैलाई है और उसका लक्ष्य लेबनान पर दबाव डालना है।

उन्होंने कहा कि लेबनान पर दबाव डालने का मूल्य लक्ष्य पीछे हट जाना और विशिष्टता देना विशेषकर जलसीमा और शबआ फार्म के संबंध में।

उन्होंने कहा कि प्रतिरोध पर दबाव डालने से दुश्मनों का लक्ष्य यह है कि हिज़्बुल्लाह अपने प्रक्षेपास्त्रिक कार्यक्रम से पीछे हट जाये परंतु प्रतिरोध बड़ी व निर्णायक संभावना से लैस है।

इसी प्रकार उन्होंने कहा कि प्रतिरोध के पास अतिग्रहित भूमि के अलजलील क्षेत्र में दाखिल होने की शक्ति मौजूद है।

इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने अपने भाषण के अन्य भाग में कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि सीरिया युद्ध में हिज़्बुल्लाह के भाग लेने का फैसले सही था और सीरिया में अमेरिकी व सऊदी षडयंत्र रच दिया गया था और सीरिया की 45 प्रतिशत भूमियों पर दाइश का कब्ज़ा हो गया था जो इसी षडयंत्र का नतीजा था।

उन्होंने कहा कि यह सवाल किया जाना चाहिये कि इराक और सीरिया में पैसों और हथियारों से दाइश का समर्थन कौन करता था? सैयद हसन नसरुल्लाह ने बल देकर कहा कि दाइश की सोच का आधार वहाबी विचारधारा थी जिसे सऊदी अरब ने बनाया था और वहाबियों की ओर से उसका समर्थन किया जाता था।


अपना कमेंट भेजें

आपका ईमेल शो नहीं किया जायेगा. आवश्यक फ़ील्ड पर * का निशान लगा है

*