?>

हिज़्बुल्लाह का उच्च नेतृत्व कभी नहीं सोता और अगर सो भी जाए तो आंखें खुली रहती हैं और दक्षिणी सीमा पर टिकी रहती हैं, इसी चीज़ ने

हिज़्बुल्लाह का उच्च नेतृत्व कभी नहीं सोता और अगर सो भी जाए तो आंखें खुली रहती हैं और दक्षिणी सीमा पर टिकी रहती हैं, इसी चीज़ ने

लेबनान से मिली सीमा पर इस्राईली कंटीली बाढ़ में सूराख़ नज़र आते हुए इस्राईली फ़ोर्सेज़ पर बौखलाहट छा गई। सैनिक अधिकारियों ने तत्काल इमरजेंसी का एलान किया और व्यापक जांच शुरू कर दी। केवल सूराख़ नज़र आने पर यह हाल है तो अगर इस सूराख़ से हिज़्बुल्लाह के जवान गुज़र कर इस्राईली क़ब्ज़े वाले इलाक़ों में घुस जाएं तो क्या हालत होगी?!

इसमें तो शक नहीं कि कंटीली बाड़ में बड़े सूराख़ बनाने का काम हिज़्बुल्लाह ने ही किया होगा क्योंकि इस कंटीली बाड़ के क़रीब अगर कोई परिंदा भी जाता है तो इस्राईल को इसकी ख़बर हो जाती है तो वहां जाकर सूराख़ बना देना तो एक बड़ा काम है। इस्राईली गश्ती टीमें 24 घंटे इस बाड़ से लगकर गश्त करती रहती हैं।

इस्राईली सैनिक अधिकारियों के बीच इस समय यह सवाल उठ रहा है कि हिज़्बुल्लाह ने इस समय यह क़दम क्यों उठाया है जब इस्राईल में कोरोना फैला हुआ है और दूसरी ओर राजनैतिक संकट भी गंभीर स्थिति में हैं।

चार संभावनाएं हैं जिनसे इस घटना को समझा ज सकता है।

पहली चीज़ तो यह कि दो दिन पहले इस्राईल ने हिज़्बुल्लाह के चार कमांडरों की गाड़ी पर लेबनान और सीरिया की सीमा के क़रीब हमला किया था जिसमें चारों कमांडर सुरक्षित बच गए थे। हो सकता है कि हिज़्बुल्लाह ने इसी का जवाब देते हुए कंटीली बाड़ में छेद कर दिया।

दूसरी संभावना यह है कि हिज़्बुल्लाह ने इस्राईलियों को यह बताना चाहता है कि हिज़्बुल्लाह की जिन सुरंगों को ध्वस्त करने का बड़ा हंगामा इस्राईली अधिकारियों और ख़ास तौर पर कार्यवाहक प्रधानमंत्री नेतनयाहू ने मचाया था उनके न होने की स्थिति में भी हिज़्बुल्लाह के पास इस्राईली क़ब्ज़े वाले इलाक़ों में पहुंचने के रास्ते मौजूद हैं। हिज़्बुल्लाह जब चाहेगा उसके जवान ज़ायोनियों की बस्तियों में पहुंच जाएंगे।

तीसरी संभावना यह है कि हिज़्बुल्लाह ने यह बेहद ख़ुफ़िया और ख़तरनाक मिशन अंजाम देकर साबित करना चाहा है कि वह बेहतरीन आप्रशेनल स्थिति में है।

चौथी संभावना यह है कि हिज़्बुल्लाह ने इस्राईली नेतृत्व को यह संदेश दिया है कि हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं। अगर हिज़्बुल्लाह के किसी भी जवान को निशाना बनाने की कोशिश की गई तो जवाब में केवल राकेट और मिसाइल नहीं फ़ायर किए जाएंगे बल्कि कंटीली बाड़ काट कर हमारे लडाके इस्राईली इलाक़ों में पहुंच जाएंगे।

हिज़्बुल्लाह ने यह संदेश भी दिया है कि वह देश के भीतर कोरोना से भी लड़ रहा है, राजनैतिक प्रक्रिया को भी आगे बढ़ा रहा है, सीरिया के इदलिब इलाक़े में चरमपंथियों से भी मोर्चा ले रहा है लेकिन इस सब के बावजूद उसकी पहली प्राथमिकता इस्राईल है और वह इस्राईल को सज़ा देने के लिए हर दम तैयार है।

हिज़्बुल्लाह का उच्च नेतृत्व कभी नहीं सोता और अगर सो भी जाए तो आंखें खुली रहती हैं और दक्षिणी सीमा पर टिकी रहती हैं। इसी चीज़ ने इस्राईलियों की नींद हराम कर रखी है।

स्रोतः रायुल यौम


अपना कमेंट भेजें

आपका ईमेल शो नहीं किया जायेगा. आवश्यक फ़ील्ड पर * का निशान लगा है

*