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हसन नसरुल्लाह की नज़र में इस्राईल के हित में अमरीका का अगला क़दम क्या होगा

हसन नसरुल्लाह की नज़र में इस्राईल के हित में अमरीका का अगला क़दम क्या होगा

लेबनान के जनप्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने सचेत किया है कि अगर अरब देश ख़ामोश बैठे रहे तो अमरीका अगले क़दम में अतिग्रहित पश्चिमी तट पर इस्राईल की संप्रभुता को मान्यता दे सकता है।

सय्यद हसन नसरुल्लाह ने मंगलवार को एक भाषण के दौरान यह चेतावनी दी।

उन्होंने कहाः "जब पूरी दुनिया ख़ास तौर पर अरब देश ट्रम्प द्वारा पूर्वी अलक़ुद्स के इस्राईल की राजधानी के रूप में एलान पर ख़ामोश रहे, तो यह अमरीका के लिए सभी उल्लंघन के लिए रास्ता खोलने के समान है।"

सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहाः "जब अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं और क़ानून अमरीकी एजेन्डे और हितों की सेवा नहीं करते तो अमरीका उनका अनादर करता है और जिसे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय कहा जाता है वह गोलान हाइट्स और और पूर्वी अलक़ुद्स जैसी ज़मीनों को वापस लेने, संप्रभुता व मालेकाना हक़ सहित लोगों के अधिकार की रक्षा करने के योग्य नहीं है।"

उन्होंने कहाः "हमें ट्रम्प द्वारा पश्चिमी तट पर इस्राईल की संप्रभुता को मान्यता दिए जाने का अपेक्षा करनी चाहिए।"

हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने कहा कि ट्रम्प का संभावित क़दम "डील ऑफ़ द सेन्चरी" का भाग है। उनका इशारा फ़िलिस्तीनी-इस्राईली विवाद के लिए वॉशिंग्टन की उस गुप्त योजना की ओर है, जिसमें रिपोर्ट के अनुसार, फ़िलिस्तीनियों के मूल अधिकारों की अनदेखी शामिल है।

हसन नसरुल्लाह ने अमरीकी साज़िश के तहत पश्चिमी तट से फ़िलिस्तीनियों को निकालने का अनुमान लगाते हुए कहा कि वे कह सकते हैं कि फ़िलिस्तीनी जनता ग़ज़्ज़ा में जाकर रहे


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