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हमास और हिज़्बुल्लाह ने कैसे मार गिराए इस्राईली ड्रोन? क्या इन संगठनों ने डेवलप कर ली है वायु रक्षा प्रणाली? इस्राईली सैन्य प्रवक्ता ने इस पर पर्दा डालने की कोशिश क्यों की?

हमास और हिज़्बुल्लाह ने कैसे मार गिराए इस्राईली ड्रोन? क्या इन संगठनों ने डेवलप कर ली है वायु रक्षा प्रणाली? इस्राईली सैन्य प्रवक्ता ने इस पर पर्दा डालने की कोशिश क्यों की?

हाल ही में तीन दिन एसे गुज़रे कि जो इस्राईली सेना के लिए साइबर टेक्नालोजी के क्षेत्र में मातम और शोक के दिन थे क्योंकि इन तीन दिनों में हमास और हिज़्बुल्लाह ने इस्राईल के तीन ड्रोन मार गिराए।

एक ड्रोन दक्षिणी लेबनान में और दो ग़ज़्ज़ा पट्टी में गिराए गए। इन ड्रोन विमानों को आधुनिक मिसाइलों या एयर डिफ़ेन्स सिस्टम के ज़रिए गिराया गया है जो इस्लामी प्रतिरोध मोर्चे से जुड़े इन संगठनों के पास आ गया है।

इस्राईली सेना के प्रवक्ता अवीख़ाय अदरई ने तीनों ड्रोन विमानों के मार गिराए जाने की बात स्वीकार तो की मगर उन्होंने यह समझाने की बड़ी कोशिश की कि इस घटना से इस्राईली सेना को ख़ास नुक़सान नहीं पहुंचा क्योंकि इससे संवेदनशील जानकारियां लीक होने का डर नहीं है। मगर सच्चाई तो यह है कि तीन दिन में तीन ड्रोन विमानों का मार गिराया जाना शक्ति संतुलन में बहुत बड़े बदलाव की निशानी है।

यह तय है कि लेबनान और फ़िलिस्तीन के प्रतिरोधक संगठनों के पास शक्तिशाली एयर डिफ़ेन्स सिस्टम पहुंच जाने की ख़बर इस्राईली अधिकारियों और अफ़सरों के लिए गहरी चिंता का विषय है। वजह यह है कि इन संगठनों के पास पहले ही दसियों हज़ार ताक़तवर मिसाइल पहुंच चुके हैं जो इस्राईल के किसी भी बिंदु तक पहुंच सकते हैं।

इस्राईली सेना का यह बयान कि गिराए गए ड्रोन विमानों से संवेदनशील जानकारियां लीक होने का डर नहीं है, दुरुस्त नहीं है। यह बयान गहरे झटके और दुख पर पर्दा डालने की कोशिश है। इस्राईल ड्रोन विमानों के निर्यात से अच्छी ख़ासी कमाई करता है। इन ड्रोन विमानों के मार गिराए जाने का साफ़ मतलब यह है कि इस्राईल की आमदनी भी प्रभावित होने वाली है।

गत वर्ष 25 अगस्त को हिज़्बुल्लाह ने दक्षिणी बैरुत के आसमान पर इस्राईल के दो ड्रोन विमान गिरा लिए थे। एक ड्रोन तो पूरी तरह सुरक्षित था उसे संबंधित विभाग में ले जाकर उसकी रिवर्स इंजीनियरिंग की गई। कहा जाता है कि इनमें से एक ड्रोन हिज़्बुल्लाह के किसी बड़े अधिकारी की हत्या के लिए भेजा गया था।

जून 2019 में हुरमुज़ के इलाक़े में ईरानी मिसाइल द्वारा अमरीकी ड्रोन ग्लोबल हाक को मार गिराए जाने की घटना ड्रोन विमानों के युद्ध के मैदान में अब तक की सबसे बड़ी सफलता है। यह अमरीकी एयरफ़ोर्स में सबसे बड़ा जासूसी ड्रोन विमान था जिसकी क़ीमत 15 करोड़ डालर तक पहुंचती है। ईरान ने एक प्रदर्शनी में इस विमान को दिखाया और कहा था कि इसकी पूरी टेक्नालोजी को भलीभांति समझ लिया गया है।

इस्राईली ड्रोन विमानों के बारे में मिलने वाली जानकारियां बहुत कम हैं। मगर सबसे बड़ी ख़बर यही है कि हमास और हिज़्बुल्लाह के पास आधुनिक एयर डिफ़ेन्स सिस्टम आ चुके हैं और यह सिस्टम निश्चित रूप से उन्हें ईरान से मिले होंगे। यही वजह है कि इस्राईल के राजनैतिक और सामरिक दोनों ही क्षेत्रों में गहरी चिंता फैली हुई है।

इस घटना का साफ़ मतलब यह है कि लेबनान और गज़्ज़ा पट्टी की वायु सीमा अब इस्राईली विमानों के लिए हरगिज़ सुरक्षित नहीं है। वह ज़माना गया जब इस्राईली विमान दोनों इलाक़ों की वायु सीमाओं में आराम से गश्त लगाया करते थे।

स्रोतः रायुल यौम


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