मां-बाप की अहमियत

मां-बाप की अहमियत

मां-बाप के साथ नेकी करना वाजिब है चाहे वह मुश्रिक ही क्यूं न हो और उनकी इताअत हर हाल में ................

وَبِرُّالْوَالِدَیْنِ وَاجِبٌ وَاِنْ کَانا مُشْرِکَیْنِ وَلاطَاعَةَ لھُمَّا فِیْ مَعْصِیةِ الخالِق

मां-बाप के साथ नेकी करना वाजिब है चाहे वह मुश्रिक ही क्यूं न हो और उनकी इताअत हर हाल में वाजिब है मगर यह कि अल्लाह की मासियत (गुनाह) होने का अंदेशा हो।


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