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हथियारों की सप्लाई को रोके बिना यमन युद्ध को रोकना असंभवः मानवाधिकार संगठन

हथियारों की सप्लाई को रोके बिना यमन युद्ध को रोकना असंभवः मानवाधिकार संगठन

विश्व के 99 मानवाधिकार संगठनों ने अमरीका, ब्रिटेन, फ़्रांस और कुछ अन्य देशों द्वारा सऊदी अरब तथा यूएई को हथियारों को बिक्री को रुकवाने की मांग की हैं

संसार के 99 मानवाधिकार संगठनों ने एक संयुक्त बयान जारी करके यमन युद्ध के जारी रहने की कड़ी निंदा की।  इन मानवाधिकार संगठनों ने मांग की है कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात को हथियार बेचने पर प्रतिबंध लगना चाहिए।  बयान के अनुसार हथियारों की सप्लाई को रोके बिना यमन युद्ध को रोकना संभव ही नहीं है।

इन मानवाधिकार संगठनों ने शुक्रवार को एक संयुक्त बयान जारी किया है।  इस बयान में कहा गया है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद यमन का छह वर्षीय युद्ध, सबसे ख़तरनाक युद्ध साबित हुआ है।  यमन युद्ध में जहां बहुत बड़ी संख्या में आम लोग हताहत और घायल हुए हैं वहीं पर इस युद्ध के कारण यमन का आधारभूत ढांचा पूरी तरह से नष्ट हो चुका है।

मानवाधिकार संगठनों के बयान के अनुसार यमन युद्ध और इस देश के लंबे समय से परिवेष्टन के कारण इस देश की 80 प्रतिशत से अधिक जनता को इस समय खाद्ध संकट का सामना है।  वर्तमान समय में यमन में खाने-पीने की वस्तुओं के अतिरिक्त दवाओं की बहुत कमी है।

मानवाधिकार संगठनों ने अपने संयुक्त बयान में यमन के परिवेष्टन के तत्काल समाप्त किये जाने की मांग के साथ ही सनआ हवाई अड्डे और अलहुदैदा बंदरगाहों के खोले जाने की भी मांग की है।  उनका कहना है कि अमरीका, ब्रिटेन, फ़्रांस और कुछ अन्य देशों द्वारा सऊदी अरब तथा यूएई को हथियारों को बिक्री को रुकवाया जाए।  बयान में यह भी कहा गया है कि यमन संकट का समाधान युद्ध में नहीं बल्कि वार्ता में निहित है।

उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब ने अमरीका, यूएई और कई अन्य देशों के समर्थन से मार्च 2015 से यमन के विरुद्ध युद्ध आरंभ कर रखा है जिसमें यमन में व्यापक स्तर पर विनाश हुआ है।


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