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हज पर रोक और नाइट क्लब को खुली छूट, पूरी तरह से बदल गया है बिन सलमान का सऊदी अरब, जहां कभी क़ुरआनी आयतों की आवाज़ें आती थीं वहां अब सजती हैं रात की महफ़िलें...

हज पर रोक और नाइट क्लब को खुली छूट, पूरी तरह से बदल गया है बिन सलमान का सऊदी अरब, जहां कभी क़ुरआनी आयतों की आवाज़ें आती थीं वहां अब सजती हैं रात की महफ़िलें...

सऊदी अरब में हज कार्यक्रम को सीमित करने और देश के विभिन्न क्षेत्रों में अप्रचलित जश्नों, रंग मंच और नाच गाने के कार्यक्रमों के आयोजन की वजह से स्थानीय लोगों में आक्रोश भरा हुआ है।

राय अलआख़र के हवाले से तस्नीम न्यूज़ एजेन्सी ने बताया है कि सऊदी अरब में नाच गाने के कार्यक्रमों के आयोजन को खुली छूट है लेकिन कोरोना वायरस की वजह से हज के आयोजन को सीमित कर दिय गया है जिससे स्थानीय लोग बड़े ग़ुस्से में हैं। कुछ दिन पहले ही सऊदी अरब के हज व उमरा मंत्रालय ने कोरोना वायरस को बहाना बनाकर हज को सीमित करने और केवल सऊदी नागरिकों और वहां रहने वालों को हज की इजाज़त दी थी। लेकिन अब यह सवाल पैदा हो रहा है कि कोरोना वायरस की वजह से हज को सीमित कर दिया गया हैस लेकिन लड़के और लड़कियों के नाच नागे और क्लब में जाने पर कोई रोक क्यों नहीं लगाई गयी?

टीकाकारों का यह कहना है कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस इन चीज़ों से कुछ लक्ष्यों को साधने की कोशिश कर रहे हैं जिनमें से एक इस्लामी जगत की नज़र में पवित्र चीज़ों का अपमान और अनादर है, वह दुनिया को यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि पवित्र स्थलों का नियंत्रण उनके हाथ में है और जब वह चाहें जब का आयोजन कर सकते और मना कर सकते हैं और ज़ायोनी शासन तथा कट्टरपंथियों की ख़ुशामद भी कर सकते हैं।

बिन सलमान जब से सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस बने हैं तब से उन्हतंने देश में मूलभूत परिवर्तन किए हैं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि वह अपनी सरकार को मज़बूत करने तथा सरकार पर अपनी पकड़ मज़बूत करने के लिए भ्रष्टाचार को हवा दे रहे हैं और इसीलिए वह इस संबंध में अरबों डालर ख़र्च कर रहे हैं।  

बिन सलमान ने देश में सैकड़ों बुद्धिजीवियों और प्रचारकों को गिरफ़्तार करने के बाद शराब की ख़रीद व फ़रोख़्त पर छूट दे दी और विदेशी ब्रॉन्ड को देश में आने की इजाज़त दे दी।

यही वजह है कि सोशल मीडिया पर बहुत से कार्यकर्ताओं ने आले सऊद सरकार की कार्यवाहियों की आलोचना की है और मुहम्मद बिन सलमान और देश की मनोरंजन संस्था के प्रमुख तुर्की शैख़ की नीतियों पर अपना ग़ुस्सा निकाला। उन्होंने क्राउन प्रिंस से मांग की है कि ज़िल्हिज्जा महीने का सम्मान करते हुए पवित्र धरती पर हज के कार्यक्रम आयोजित कराए और लड़के लड़कियों के एक साथ डांस के कार्यक्रम पर रोक लगाएं।

इसी परिधि में ट्वीटर के एक यूज़र ने लिखा कि हज पर तो रोक लगा दी लेकिन क्लब और बार में ज़बरदस्त रौनक़ है जिससे पता चलता है कि इस धरती का शासक, ईश्वर और धर्म का दुश्मन है।

सऊदी अरब के एक अन्य यूज़र लिखते हैं कि सऊदी सरकार ने कोरोना वायरस की वजह से हज पर रोक लगा दी, मस्जिदों के लाउडस्पीकरों पर पाबंदियां लगा दीं जबकि डांस और रंगारंग कार्यक्रम देश में हर तरफ़ हो रहे हैं और हज़ारों की संख्या में लड़के और लड़कियां इन कार्यक्रमों में बिना मेडिकल प्रोटोकोल के जा रहे हैं।

सऊदी अरब के एक अन्य यूज़र लिखते हैं कि पवित्र इस्लामी धरती पर आजकल जो कुछ हो रहा है, वह ख़तर और चिंताजनक है, सऊदी नागरिकों को जान लेना चाहिए कि कौन उनके सरों पर सवार हो गया है।  एक अन्य कार्यकर्ता कहना है कि इन दिनों लेबनानी गायिका सऊदी अरब में चार कंसर्ट कर चुकी है जबकि बहुत से धर्मगुरु और बुद्धिजीवी इन दिनों हज से वंचित हैं।

एक अन्य कार्यकर्ता लिखता है कि हज के ज़माने में कोरोना फैलता है और कंसर्ट व नाचगाने के कार्यक्रम में नहीं फैलता??? टीकाकारों का कहना है कि मनोरंजन संस्था की भूमिका, नाच गाने और भ्रष्टाचार को फैलाने में अहम है और मुहम्मद बिन सलमान इस संस्था की मदद से देश को पश्चिमी सेक्युलर की पहचान देना चाहते हैं।

सऊदी अरब की सरकार मनोरंजन के क्षेत्र में बहुत अधिक पैसे ख़र्च कर रही है ताकि सऊदी अरब के युवाओं को अपने गुमराह नीति में साथ कर सके और देश में भ्रष्टाचार और नैतिक पतन को फैला सके।


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