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सुप्रीम लीडर ने दुनिया के नौजवानों को दिया कामयाबी का मंत्र, कैसे एक राष्ट्र को तबाह व बर्बाद किया जाता है?...तस्वीरें

सुप्रीम लीडर ने दुनिया के नौजवानों को दिया कामयाबी का मंत्र, कैसे एक राष्ट्र को तबाह व बर्बाद किया जाता है?...तस्वीरें

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता का कहना है कि देश की सारी समस्याओं के लिए वैज्ञानिक समाधान तलाश किया जा सकता है।

ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने ईरान के प्रसिद्ध बुद्धिजीवियों, प्रोफ़ेसरों और मेधावी छात्र व छात्राओं से मुलाक़ात में कहा कि हमारा देश बौद्धिक क्षमता की दृष्टि से दुनिया के मध्यम स्तर से भी ऊपर है और यह केवल कोई दावा नहीं बल्कि यह चीज़ साबित हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि देश की सारी समस्याओं के लिए वैज्ञानिक समाधान तलाश किया जा सकता है और नई इस्लामी सभ्यता के गठन को संभव बनाया जा सकता है।

सुप्रीम लीडर ने कहा कि वास्तव में हमारा देश और हमारी जनता बौद्धिक क्षमताओं की दृष्टि से मेधावियों से संपन्न है और इसीलिए साम्राज्यवादी शक्तियां काफ़ी समय से हम पर सॉफ़्ट वॉर थोपे हुए हैं।

आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि पिछले 2 सौ वर्षों से साम्राज्य और ईरान के उस समय के अधिकारी एक साथ यह प्रोपेगैंडा करते थे कि जनता में क्षमता नहीं पायी जाती लेकिन इस्लामी क्रांति की सफलता ने इस झूठे प्रोपेगैंडों को विफल बना दिया।

सुप्रीम लीडर ने कहा कि साम्राज्यवादी शक्तियों के नर्म युद्ध या सॉफ़्ट वॉर का एक तरीक़ा जो हमेशा रहा है और आज भी है, और अतीत में कुछ ज़्यादा ही था, वह यह है कि हमारा राष्ट्र और इसी प्रकार के दूसरे राष्ट्रों को जो मेधावी हैं, उन्हें उनकी क्षमताओं से निश्चेत करें और उनको इस प्रकार बना दें कि वह ख़ुद अपनी क्षमताओं का ही इन्कार करने लगें।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता का कहना है कि अगर किसी राष्ट्र में यह सोच पैदा हो जाए कि उसके अंदर क्षमता नहीं पायी जाती तो उसे लूटना और तबाह व बर्बाद करना आसान हो जाता है।




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