पश्चिमी मीडिया के झूठ का पर्दाफाश

सीरिया के नाम से वायरल होने वाली तस्वीरें वास्तव में यमन और फ़िलिस्तीन की हैं।

सीरिया के नाम से वायरल होने वाली तस्वीरें वास्तव में यमन और फ़िलिस्तीन की हैं।

पिछले कुछ वर्षों में फ़िलिस्तीन, यमन और इराक़ की पुरानी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर डालकर यह दर्शाया जा रहा है कि यह सीरिया के बुरे हालात की तस्वीरें हैं..........

अहलेबैत (अ) न्यूज़ एजेंसी अबनाः आज कल सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड चल रही है जिसमें खून से लतपत मासूम बच्चों, नष्ट की गई इमारतों और महिलाओं के कार्टून या ग्राफिक की तस्वीरें और वीडियो बनाकर WhatsApp और Facebook पर डाली जा रही हैं।
देखने में लगता है कि यह पोस्ट सीरिया के फेवर में है लेकिन सच तो यह है कि यह प्रोपगंडा साम्राज्यवादी शक्तियों द्वारा किया जा रहा है।
सीरिया में पिछले 5 वर्षों तक आईएस आतंकवादियों के कारण अत्यधिक बुरे हालात थे लेकिन अब तो सीरिया का लगभग 92% से भी अधिक क्षेत्र सीरियन सेना के हाथ में है और उधर अमेरिका आईएस आतंकियों को बचाने की और अपने हितों को ध्यान में रखते हुए सीरिया के हालात बुरे बनाने की कोशिश कर रहा है।
ज्ञात रहे कि सीरिया में अमेरिका ने सहयोग के बहाने अत्यधिक ज़ुल्म किए हैं और अब पिछले कुछ वर्षों में फ़िलिस्तीन, यमन और इराक़ की पुरानी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर डालकर यह दर्शाया जा रहा है कि यह सीरिया के बुरे हालात की तस्वीरें हैं।


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