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सीरिया में इस्राईली हमले में कितने ईरानी सैनिक मारे गये, ईरान ने दिया ब्योरा, इस्राईल की बातों में न आएं, हक़ीक़त इधर पढ़िए

सीरिया में इस्राईली हमले में कितने ईरानी सैनिक मारे गये, ईरान ने दिया ब्योरा, इस्राईल की बातों में न आएं, हक़ीक़त इधर पढ़िए

ईरान की सशस्त्र सेना के प्रवक्ता ने कहा कि पिछले 9 वर्ष के दौरान सीरिया में क़ानूनी तौर पर मौजूद ईरान के 8 सैन्य सलाहकार, इस्राईली बमबारी और मीज़ाइल हमले में शहीद हुए हैं।

इससे पहले इस्राईली मीडिया ने सीरिया में ईरान के ठिकानों पर इस्राईल के 200 हमलों की सूचना दी थी और उसके बाद यह कोशिश की कि सीरिया में इस्राईल का हर हमला, ईरानी सैनिकों और ईरान के हितों पर हो रहा है। इन हमलों के बाद ईरान के सैन्य सलाहकारों के मारे जाने की भी सूचना दी जाती रही है किन्तु ईरान की सशस्त्र सेना के प्रवक्ता ने सारी अटकलों पर विराम लगाते हुए इन हमलों में शहीद होने वाले सैन्य सलाहकारों की संख्या बताई और कहा कि इनमें से हर हमले का पूरी ताक़त से जवाब दिया गया और ईरान ने हर हमले पर जवाबी कार्यवाही की है।

इस्राईल ने यह दावा किया कि सीरिया में ईरान के ठिकानों पर 200 हवाई हमले किए गये। इस्राईल के इस दावे के पीछे यह दिखाना मक़सद था कि वह शक्तिशाली है और ईरान कोई जवाबी कार्यवाही की ताक़त नहीं रखता। इस्राईल ने यह ख़बरें फैलाकर यह भी दिखाने की कोशिश की कि वह ईरान को सीरिया से निकालने और प्रतिरोध के मोर्चे के लिए उसकी मदद को ख़त्म करने में सफल रहा है जबकि ईरान की सशस्त्र सेना के प्रवक्ता ने इस्राईल की सारी पोल खोलकर रख गयी और कहा कि सीरिया में ईरान की क़ानूनी सैन्य उपस्थिति और प्रतिरोध के लिए उसकी मदद पूरी शक्ति के साथ जारी है। उनका कहना था कि इस्राईल केवल हवा में बात करता है,  न ही वह मैदान में सामने आता है और न ही टकराने की शक्ति रखता है।

इस्राईल ने नतन्ज़ घटना के बाद मीडिया प्रोपेगैंडे द्वारा यह दिखाने का प्रयास किया कि ईरान के साथ युद्ध को अब सीरिया से ईरान के भीतर ले जाने में सफल रहा है, इस्राईली मीडिया के इस प्रोपेगैंडे से इस्राईली अधिकारियों ने चुपके अपनी ख़ुद ही अपनी पीठ ख़ूब थपथपाई लेकिन ईरान की सशस्त्र सेना के प्रवक्ता ने इस्राईली मीडिया के इन दावों की बख़िया उधेड़ दी।

यहां पर यह भी कहना आवश्यक है कि ईरान की सशस्त्र सेना के वरिष्ठ कमान्डर जनरल बाक़िरी और क़ुद्स ब्रिगेड के कमान्डर और जनरल क़ासिम सुलैमानी के उतराधिकारी जनरल क़ाआनी की सीरिया यात्रा और उससे पहले विदेशमंत्री के सीरिया दौरे से यह सारी वास्तविकताएं सामने आ जाती हैं कि ईरान, सीरिया में क़ानूनी रूप से सीरिया की सरकार के निमंत्रण पर मौजूद है और भविष्य में भी रहेगा। आज, इस्राईल के साथ संघर्ष केवल सीरिया तक ही सीमित नहीं है बल्कि लेबनान और फ़िलिस्तीनी तक फैल चुका है। 


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