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सीरिया के इदलिब में शांति, तुर्क राष्ट्रपति का रूस दौरा, सीरियाई राष्ट्र आतंकवाद पर जल्द पाएगा जीत, आख़िर पश्चिमी एशिया की आग मे

सीरिया के इदलिब में शांति, तुर्क राष्ट्रपति का रूस दौरा, सीरियाई राष्ट्र आतंकवाद पर जल्द पाएगा जीत, आख़िर पश्चिमी एशिया की आग मे

लगातार कई सप्ताह की भीषण झड़पों और बमबारी के बाद इस समय सीरिया के इदलिब में शांति छाई हुई है। वहीं जहां इस शांति का कारण तुर्की की राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान की रूस यात्रा बताई जा रही है वहीं इसे सीरियाई राष्ट्र की आंतकवाद पर होती विजय के तौर पर भी देखा जा रहा है।

सीरिया के पश्चिम-उत्तर में स्थित इदलीब, जिसे तकफ़ीरी आतंकवादियों का अंतिम गढ़ माना जा रहा है। बीते तीन महीनों की लड़ाई में लाखों लोग बेघर हो गए हैं। गुरुवार को मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान के बीच चली लंबी बातचीत के बाद आख़िरकार युद्धविराम का एलान हो ही गया। युद्धविराम की घोषणा होने के कुछ घंटों बाद से ही सीरियाई सेना और स्वयंसेवी बलों ने अपनी कार्यवाही को रोक दिया वहीं आतंकियों द्वारा किए जा रहे हमलों में भी कमी आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही झड़पों और बमबारी के बाद ज़रूर कुछ मशीनगनों और मोर्टार गोलों की छिटपुट गोलीबारी की आवाज़ें आई हैं लेकिन इसे एक तरीक़े से शांति ही कही जाएगी। जहां बार-बार सीरियाई सेना और स्वयंसेवी बल आतंकियों को चेतावनी दे रहे हैं कि वे अपने हथियार डाल दें और सीरिया में शांति स्थापित करने में सहायता प्रदान करने वहीं आतंकी गुट तुर्की और कुछ अन्य पश्चिमी एवं अरब देशों की मदद से लगातार आतंकवादी हमले करके सीरिया में शांति स्थापित करने के रास्ते में लगातार रुकावट पैदा कर रहे हैं।

इससे पहले जहां तुर्क राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान के मास्को जाने से पहले तेवर बहुत कड़े थे और वह बार-बार दमिश्क़ सरकार और यहां तक की रूस को भी धमकी दे रहे थे वहीं मास्को पहुंचते ही उनके तेवर नरम पड़ गए और बहुत ही शांति भरे सुर में उन्होंने अंकारा और मास्को के बीच अच्छे संबंधों की बात कही। अर्दग़ान ने कहा कि, तुर्की और रूस के बीच सैन्य क्षेत्र में बहुत अच्छे संबंध हैं जिसे और मज़बूत बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुझे सीरिया के संबंध में कोई न कोई उपाय निकलने की उम्मीद है। इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लीदमीर पुतिन ने कहा कि, इदलिब के हालात बहुत चिंताजनक हद तक पहुंच गए हैं इसलिए तनाव कम करने के लिए आस्ताना और सूचि वार्ता प्रक्रिया के अंतर्गत हुई सहमति के अतिरिक्त हमारे बीच सीधी बातचीत होना बहुत ज़रूरी था।

दूसरी ओर रूस सहित दुनिया भर के जानकारों और टीकाकारों का मानना है कि सीरिया में जारी सात वर्षों से आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच गया है। जानकारों के मुताबिक़, सीरिया में जारी आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध को सीरियाई राष्ट्र ने जीत लिया है और यह जीत उसने अकेले नहीं प्राप्त की है बल्कि ईरान, रूस और लेबनान के हिज़्बुल्लाह की मदद से उन्हें यह विजय प्राप्त हुई है। रूसी टीकाकारों का कहना है कि सीरिया युद्ध जो कुछ काफ़ी समय पहले ही समाप्त हो जाना चाहिए था उसके जारी रहने का कारण हैं तुर्क राष्ट्रपति अर्दोग़ान। टीकाकारों के अनुसार, अर्दोग़ान न केवल यह की आतंकियों का समर्थन कर रहे हैं बल्कि वह स्वयं को आतंकियों से अलग भी नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वह ऐसी विचारधारा का समर्थन करते हैं जो आतंकियों को पालती पोसती है। जानकारों का मानना है कि अर्दोग़ान का मुख्य लक्ष्य उत्तरी सीरिया को अलग करके उसे तुर्की में शामिल करना है। इसी तरह एक महिला रूस टीकाकार का कहना है कि, तुर्की राष्ट्रपति अर्दोग़ान क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने के ले आतंकियों का समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि, अर्दोग़ान आतंकियों को अपने हित साधने के हथकंड़े के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।

इस बीच बहुत से अन्य टीकाकारों और जानकारों का मानना है कि सीरिया संकट की शांत न होती आग में अमेरिका, इस्राईल, कुछ अरब देश और कुछ पश्चिमी देशों की भूमिका को भी नहीं अन्देखा किया जा सकता है। इन जानकारों और टीकाकारों का कहना है कि, सीरिया में तकफ़ीरी आतंकियों के ज़रिए जो आशांति की आग जल रही है उसमें इन सभी शासनों का हाथ है जो लगातार इस आग में घी डाल रहे हैं। जब आतंकी गुट पराजित होने लगते हैं तो यह सभी शासन तुर्की को आगे करके उसके कंधे पर बंदूक रखकर चलाने लगते हैं।


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