बच्चों को रोककर आले सऊद ने हरीरी को भेज दिया फ्रांस

बच्चों को रोककर आले सऊद ने हरीरी को भेज दिया फ्रांस

सऊदी अरब ने यमन के प्रधानमंत्री सआद हरीरी को बुलाकर उन से त्यागपत्र दिलवा दिया था, उसके बाद उन्हें फ्रांस से सांठगांठ कर के पेरिस भेज दिया गया।

अहलेबैत (अ )न्यूज़ एजेंसी अबना :  अलअखबार की रिपोर्ट के अनुसार सआद हरीरी ने पिछले हफ्ते अल मुस्तक़बिल टीवी को दिए गए इंटरव्यू में कई बार इस बात को दोहराया था, कि मेरे भी बच्चे हैं, यह बात अपने घरवालों के प्रति उनके भय को दर्शाती है।
 रियाद से पेरिस की यात्रा में उनके साथ सिर्फ उनकी पत्नी लारा अलआज़म हैं, जबकि दोनों बच्चों लऊलोह एवं अब्दुल अज़ीज़ को रियाद में ही रोक लिया गया है। अलअख़बार  ने इस बात की भी पुष्टि की कि दोनों बच्चों का सऊदी अरब में रोक लिए जाने से पता चलता है कि सआद हरीरी को शर्तों पर ही रियाद से निकलने की  अनुमति दी गई है।
 जबकि रियाद एवं पेरिस के बीच मध्यस्था करने वाले एक फ्रांसीसी ने लेबनान के राष्ट्रपति मिशेल ऑन की भी आलोचना की, जब मिशेल को इस बात का पता चला तो उन्होंने लैबनान के पूर्व प्रधानमंत्री की शर्तों पर हुई आज़ादी का विरोध करते हुए कहा कि फ्रांस के बाद सआद हरीरी को अपनी फ़ैमिली के साथ लेबनान वापस आ रहा होगा।
 ज्ञात रहे कि अभी कुछ समय से लेबनान एवं सऊदी अरब के बीच संबंध ख़राब चल रहे हैं जब जिसके कारण सऊदी अरब ने यमन के प्रधानमंत्री सआद हरीरी को बुलाकर उन से त्यागपत्र दिलवा दिया था, उसके बाद उन्हें फ्रांस से सांठगांठ कर के पेरिस भेज दिया गया। जबकि यह उनके विदेशी मामलात में हस्तक्षेप दर्शाता है। अतः चारों ओर से सऊदी सरकार की आलोचना की जा रही है।
 


सम्बंधित लेख

अपना कमेंट भेजें

आपका ईमेल शो नहीं किया जायेगा. आवश्यक फ़ील्ड पर * का निशान लगा है

*

پیام رهبر انقلاب به مسلمانان جهان به مناسبت حج 1441 / 2020
conference-abu-talib
We are All Zakzaky
सेंचुरी डील स्वीकार नहीं