क्या सऊदी अरब ने सीरिया के बारे में अपनी नीति बदल ली है, इदलिब में आतंकवादी क्यों उड़ा रहे हैं पुल?

क्या सऊदी अरब ने सीरिया के बारे में अपनी नीति बदल ली है, इदलिब में आतंकवादी क्यों उड़ा रहे हैं पुल?

सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने सीरिया के बारे में अपने देश की विदेश नीति में परिवर्तन की बात कही है।

सऊदी विदेश मंत्री आदिल अल-जुबैर ने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लारोव के साथ बैठक में सीरिया संकट के बारे में रियाज़ की नीति में आए परिवर्तन का संकेत दिया।

ग़ौरतलब है कि सीरिया में आतंकवाद की आग भड़काने में सऊदी अरब की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और यह देश सीरियाई राष्ट्रपति बशार असद को उनके पद से हटाने के लिए दाइश जैसे तकफ़ीरी आतंकवादी गुटों का समर्थन करता रहा है।

सीरियाई विदेश मंत्री का कहना है कि सेना और उसके सहयोगी बलों के हाथों आतंकवादियों को मिली भारी पराजय ने शायद सऊदी अरब को निराश कर दिया है और अब वह अपनी विफल नीतियों में बदलाव चाहता है।

इसी प्रकार, सीरियाई विदेश मंत्री वलीद अल-मोअल्लिम ने उल्लेख किया कि दमिश्क़ सरकार आतंकवादियों के अंतिम ठिकाने इदलिब को किसी भी क़ीमत पर आज़ाद कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

सीरियाई सेना तुर्की की सीमा से सटे इदलिब प्रांत को आज़ाद कराने के लिए व्यापक अभियान शुरू करने जा रही है, जिससे भयभीत होकर और सीरियाई सेना की प्रगति को रोकने के लिए आतंकवादियों ने इदलिब में दो महत्वपूर्ण पुलों को धमाके से उड़ा दिया है।

ओरोंटेस नदी पर बने यह पुल इस इलाक़ो को हमा प्रांत से जोड़ते थे, जो सीरियाई सेना के निंयत्रण में है।

यह इस इलाक़े में दो महत्वपूर्ण पुल थे। आतंकवादी गुटों को यह ख़तरा था कि सीरियाई सेना इदलिब में प्रगति के लिए इन पुलों का इस्तेमाल कर सकती थी।

दूसरी ओर, इदलिब में सीरियाई सैन्य अभियान के समर्थन के लिए रूस ने भूमध्य सागर में अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं, जबकि अमरीका और उसके घटक रासायनिक हमलों की आशंका जताकर आतंकवादी गुटों को संरक्षण देना चाहते हैं। 


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