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सऊदी अरब में 25 और नागरिकों के सिर काटने की तैयारी

सऊदी अरब में 25  और नागरिकों के सिर काटने की तैयारी

सऊदी अरब में हाल ही में 37 बेगुनाह क़ैदियों के सिर काटे जाने पर संयुक्त राष्ट्र संघ सहित पूरी दुनिया में उसके ख़िलाफ़ जारी विरोध अभी कम नहीं हुआ था कि एक बार फिर आले सऊद शासन जल्द ही 25 अन्य सऊदी नागरिकों के सिर काटने की तैयारी कर रहा है।

अमेरिकी न्यूज़ चैनल सीएनएन ने सऊदी अरब में हाल ही में 37 नागरिकों को दी गई मौत की सज़ा के बारे में एक विशेष रिपोर्ट पेश की है जिसमें इस बात का उल्लेख किया है कि सऊदी अरब सरकार ने यह दावा किया है कि जिन 37 क़ैदियों के सिर क़लम किए गए हैं पहले उनसे उनके अपराधों की स्वीकारोक्ति ले ली गई थी उसके बाद ही उन्हें मौत की सज़ा दी गई है। सीएनएन के अनुसार सऊदी अरब की अदालत के जो दस्तावेज़ सामने आए हैं उससे यह बात पता चलती है कि जिन क़ैदियों के सिर काटे गए हैं उनमें से अधिकतर क़ैदियों ने न ही केवल अपने अपराधों को स्वीकार किया था बल्कि उन सबने अपने बेगुनाह होने की बात बार-बार कही थी। याद रहे कि जिन 37 बेगुनाह सऊदी नागरिकों के सिर काटे गए हैं उनमें एक 20 वर्षीय युवक भी शामिल था।

न्यूज़ चैनल सीएनएन ने सऊदी अरब में वर्ष 2016 में बनी एक विशेष अदालत के सैकड़ों दस्तावेज़ों तक पहुंचने और उससे मिली जानकारियों से पर्दा उठाते हुए कहा है कि, लीक हुए दस्तावेज़ों से पता चलता है कि बहुत ही जल्द सऊदी अरब की विशेष अदालत 25 अन्य नागरिकों को मौत की सज़ा सुनाकर उनके सिर काटने वाली है। जिन 25 नागरिकों के सिर काटने की बात सामने आई है उन्हें वर्ष 2011-12 में गिरफ़्तार किया गया था। सऊदी अरब की अदालत के लीक हुए दस्तावेज़ों से पता चलता है कि, सऊदी अरब के आले सऊद शासन ने न केवल अपने राजनीतिक विरोधियों बल्कि शिया मुसलमानों को विशेषकर मौत की सज़ा दिए जाने की बात कही है और साथ ही यह भी कहा है कि मौत की सज़ा पाने वाले क़ैदियों के लिए सभी तरह के न्यायिक रास्तों को बंद कर दिया जाए। दस्तावेज़ों से इस बात का भी उल्लेख हुआ है कि सऊदी अरब में रहने वाले विदेशी मज़दूरों के लिए भी अदालत के सभी रास्ते बंद रखे जाते हैं।इस बीच इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वर्ष 2011 से 2018 तक सऊदी अरब में काम के लिए गए इंडोनेशियाई नागरिकों में से 103 नागरिकों को विभिन्न अपराधों के अंतर्गत मौत की सज़ा दी गई है और उनके सिर क़लम कर दिए गए हैं। जिन इंडोनेशियाई नागरिकों के सिर काटे गए हैं उनमें से अधिकतर को अदालती कार्यवाही से भी वंचित रखा गया था।


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