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सऊदी अरब ने लगातार दूसरी साल हज पर लगाई रोक, यमनियों ने किया पर्दा फ़ाश, वजह सामने आ गयी, हज पर क्यों लगाई पाबंदी?

सऊदी अरब ने लगातार दूसरी साल हज पर लगाई रोक, यमनियों ने किया पर्दा फ़ाश, वजह सामने आ गयी, हज पर क्यों लगाई पाबंदी?

यमन के मुफ़्तिए आज़म ने इस्लाम विरोधी सऊदी अरब की कार्यवाहियों की कड़ी आलोचना की है।

यमन के धर्मगुरूओं के संघ और यमन के मुफ़्तिए आज़म ने कहा है कि सऊदी सरकार एक हमलावर सरकार है जो मुसलमानों के विरुद्ध हमले कर रही है और इस तरह इस्लाम के ख़िलाफ़ जंग कर रही है।

यमन के धर्मगुरू और मुफ़्तिए आज़म ने कहा है कि सऊदी अरब की यह कार्यवाही एक मुसलमान की समझ से बाहर हैं।

सऊदी मुफ़्तिए आज़म अल्लामा अल्लामा शमसुद्दीन शरफ़ुद्दीन ने अपने बयान में बल देकर कहा कि सऊदी अरब सरकार ने इस्लामी देशों और मुसलमानों से सलाह मशविरे के बिना हज पर प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला कर लिया और पूरी दुनिया के मुसलमान सऊदी अरब की इस कार्यवाही से नाराज़ हैं।

यमन के मुफ़्तिए आज़म ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर सऊदी अरब के लोगों के लिए ज़िंदगी और चौन व सुकून की कुछ अहमियत है तो वह मस्जिदों की आवाज़ें क्यों बंद किए हुए है जबकि नाइट क्लब्स को खोलने और नाच गानों की आवाज़ें खुलकर फैलाने की पूरी इजाज़त है।

अल्लामा शरफ़ुद्दीन का कहना था कि सऊदी अधिकारी मुसलमानों को इलाक़े में अमरीकियों और इस्राईलियों के सामने घुटने टेकने और उनकी योजनाओं को स्वीकार कर लेने पर तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने इस्लाम व मुसलमानों के साथ ग़द्दारी और विश्वासघात किया है।

दूसरी ओर सनआ सरकार का कहना है कि सऊदी अरब ने अमरीका और इस्राईल की मदद के लिए हज पर प्रतिबंध लगाए हैं।

यमन के संस्कृति मंत्रालय ने बल दिया है कि सऊदी सरकार ने अमरीका और ज़ायोनी शासन की योजना की सेवा करने के लिए लगातार दूसरी बार विदेशी तीर्थयात्रियों के लिए हज पर प्रतिबंध लगाया है।

फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार यमन के संस्कृति मंत्रालय के बयान में आया है कि रियाज़ सरकार का फ़ैसला, अमरीका और इस्राईल की योजना को व्यवहारिक करने की दिशा में लिया गया है।

यमन के संस्कृति मंत्रालय के बयान में आया है कि सऊदी अरब को हज पर रोक लगाने से बेहतर था कि वह विदेशी तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सही और उचित उपाय व कार्यक्रम रखता। बयान में आया है कि हज पर रोक लगने से सबसे ज़्यादा दुश्मनों विशेषकर अमरीका और इस्राईल को फ़ायदा हो रहा है क्योंकि यह लोग हज को अपने लिए सबसे बड़ा ख़तरा समझते हैं क्योंकि हज, मुसलमानों को एकजुट करने का अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम है।

ज्ञात रहे कि सऊदी अरब के हज व उमरा मंत्रालय ने एलान किया है कि इस साल केवल सऊदी अरब में रहने वाले साठ हज़ार लोगों को हज की अनुमति होगी। सऊदी हज व उमरा मंत्रालय ने इस प्रतिबंध की वजह कोरोना और उसके नये वेरिएंट के फैलाव को बताया है।


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