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सऊदी अरब के पास भी परमाणु बम होना चाहिएः तुर्की अलफ़ैसल

सऊदी अरब के पास भी परमाणु बम होना चाहिएः तुर्की अलफ़ैसल

सऊदी अरब की गुप्तचर सेवा के भूतपूर्व प्रमुख का कहना है कि ईरान के मुक़ाबले में अपनी रक्षा के लिए रेयाज़ जो कुछ कर सकता है उसे वह ज़रूर करना चाहिए।

अमरीका में सऊदी अरब भूतपूर्व राजदूत तथा इस देश की गुप्तचर सेवा के भूतपूर्व तुर्की अलफ़ैसल ने गुरूवार की शाम को रेयाज़ की ओर से परमाणु बम हासिल करने के बारे में बात की।

अमरीकी चैनेल एमएस एनबीसी को दिये साक्षात्कार में पहले तो यह दावा किया कि ईरान, परमाणु बम बनाने के प्रयास कर रहा है।  इस बार में तुर्की अलफैसल ने कहा कि हमने पहले भी सार्वजनिक तौर पर कहा था कि संभावित परमाणु संपन्न ईरान के मुक़ाबले में हमें परमाणु बम सहित जो कुछ भी ज़रूरी है उसको अंजाम दें।

इसी के साथ सऊदी अरब की गुप्तचर सेवा के भूतपूर्व प्रमुख ने यह भी कहा कि इस समय तो मैं सरकार में नहीं हूं इसलिए यह तो नहीं कह सकता कि सरकार इस बारे में क्या करे लेकिन मैंने जो कुछ कहा वे मेरे निजी विचार थे।

तुर्की अलफैसल के यह विचार एसी स्थिति में सामने आए है कि जब सऊदी  अरब की सरकार ने नवंबर 2017 को यह घोषणा की थी कि दो बड़े रिकएक्टर को बनाने की योजना, कार्यसूचि में शामिल है।  रेयाज़ के अनुसार रूस, चीन, अमरीका, फ़्रांस और दक्षिणी कोरिया ने इस बारे में सऊदी अरब को अपनी योजनाएं भेजी हैं।

इससे पहले यह रिपोर्ट सामने आई थी कि चीन और दक्षिणी कोरिया, सऊदी अरब में कुछ छोटे रिएक्टरों का निर्माण कर रहे हैं।

पिछले वर्ष अमरीकी समाचारपत्र वाॅल स्ट्रीट जरनल ने एक पश्चिमी सूत्र के हवाले से लिखा था कि सऊदी अरब के पश्चिमोत्तर का दूरस्थ क्षेत्र "अलअला" येलोकेक बनाने का केन्द्र है।  इसी समाचारपत्र ने कुछ पश्चिमी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि सऊदी अरब ने चीन के सहयोग से यूरेनियम के येलोकेक बनाने के लिए एक संयत्र स्थापित किया है।  यह वह संयंत्र है जहां से परमाणु रिएक्टर को ईंधन देने के लिए काम होता है। 

इसी रिपोर्ट में बताया गया है कि सऊदी अरब की इस कार्यवाही के कारण अमरीकी अधिकारी, सऊदी अरब में परमाणु शस्त्र विकसित करने के विकल्प के सक्रिय होने के बारे में चिंता ज़ाहिर करें।

इस रिपोर्ट के प्रकाशित होने के कुछ ही दिनों के बाद अमरीका के एक अन्य समाचारपत्र न्यूयार्क टाइम्स ने लिखा था कि अमरीका की गुप्तचर एजेन्सियां, परमाणु ईंधन के उत्पादन के लिए मूलभूत ढांचे के निर्माण के उद्देश्य से सऊदी अरब के प्रयासों की जांच कर रही हैं। यह एसा मूलभूत ढाचा है जो सऊदी अरब को परमाणु हथियार बनाने के मार्ग पर ला सकता है।

न्यूयार्क टाइम्स ने यह भी सूचना दी है कि अमरीकी गुप्तचर एजेन्सियों ने परमाणु ईंधन के उत्पादन के लिए आवश्यक औद्योगिक क्षमता के निर्माण के लिए चीन के सहयोग से सऊदी अरब के भीतर चल रहे प्रयासों का एक गोपनीय विशलेषण जारी किया है।

यह समीक्षा, सचेत करती है कि सऊदी अरब और चीन के बीच कच्चे यूरेनियम को संवर्धित करने के लिए प्रयास हो सकते हैं जो बाद में परमाणु हथियारों और बमों के निर्माण को बढ़ावा देने में सक्षम हों।


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