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सऊदी अरब के अबहा इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर भीषण हमले के चार प्रमुख कारण...हमला ठीक उस समय क्यों जब अमरीका ने सऊदी अरब को हथियार बेचने पर लगाई रोक?

सऊदी अरब के अबहा इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर भीषण हमले के चार प्रमुख कारण...हमला ठीक उस समय क्यों जब अमरीका ने सऊदी अरब को हथियार बेचने पर लगाई रोक?

बहुत से लोगों को बुधवार के दिन सऊदी अरब के अबहा एयरपोर्ट पर यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के बड़े ड्रोन हमले पर हैरत हुई मगर हमें तो नहीं हुई। इस हमले में चार ड्रोन विमानों ने बड़े सटीक रूप से अपने लक्ष्यों को ध्वस्त कर डाला। यमन की सेना के प्रवक्ता यहया अलसरीअ ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया।


कुछ टीकाकारों को हैरत इसलिए है कि यह हमला तब हुआ है जब अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने सऊदी अरब को हथियार बेचने के कई सौदों पर रोक लगाने का एलान किया है और यह यमन युद्ध को रोकने की भूमिका है। साथ ही बाइडन सरकार ने अमरीकी कांग्रेस से यह भी कहा है कि यमन का अंसारुल्लाह आंदोलन आतंकी संगठन नहीं है इसलिए उसका नाम आतंकी संगठनों की सूची से निकाल देना बेहतर है।

यमन के उच्च पदस्थ अधिकारी ने रायुल यौम को बताया कि अबहा एयरपोर्ट पर कुछ ख़ास कारणों से हमला किया गया है।

  1. सऊदी अरब इस समय यमन के इलाक़ों पर भीषण बमबारी कर रहा है क्योंकि तेल संपदा से समृद्ध इलाक़े मारिब पर कंट्रोल के लिए निर्णायक लड़ाई चल रहा है। मारिब पर इस समय सऊदी समर्थित मंसूर हादी के संगठन का नियंत्रण है और यह वह आख़िरी महत्वपूर्ण इलाक़ा है जिस पर सऊदी समर्थित संगठन का नियंत्रण है।
  2. अबहा एयरपोर्ट दो भागों नागरिक और सामरिक में बंटा हुआ है। सामरिक भाग से सऊदी अरब के युद्धक विमान उड़ान भरते हैं और यमनी इलाक़ों पर बमबारी करते हैं। ड्रोन हमले में सामरिक भाग को निशाना बनाकर कई युद्धक विमानों को ध्वस्त कर दिया गया है।
  3. यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन को पूरा यक़ीन है कि अमरीकी निर्मित एफ़-16 युद्धक विमान जो लगभग रोज़ाना यमन पर बमबारी कर रहे हैं अमरीकी सरकार की हरी झंडी के बग़ैर यह हमले हरगिज़ नहीं कर सकते। यमन पर सऊदी अरब के हमले अमरीका की स्वीकृति से जारी हैं। इसलिए युद्ध रोकने संबंधी बयानबाज़ी निरर्थक है।
  4. ड्रोन हमलों में तेज़ी सऊदी अरब पर दबाव डालने के लिए है कि वह यमन की नाकाबंदी समाप्त करे और यमनी हवाई हड्डों विशेष रूप से राजधानी सनआ के हवाई अड्डे को खोलने दे।

यमन की सनआ सरकार के विदेश मंत्री हश्शाम शरफ़ ने कहा कि सऊदी अरब और अमरीका के लिए यमनी सेना और अंसारुल्लाह आंदोलन का संदेश यह है कि जब हमारी धरती पर आपके हमले बंद हो जाएंगे तब हमारे ड्रोन और मिसाइल हमले भी रुक जाएंगे।

ग़ौरतलब है कि अंसारुल्लाह ने यह बड़ा हमला उस समय किया है जब यमन के मामलों में संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष दूत मार्टिन ग्रीफ़िथ्स पहली बार तेहरान का दौरा कर रहे हैं जबकि यमन के मामले में अमरीका के विशेष दूत टिमोथी लिंडर किंग यमन संकट के राजनैतिक समाधान की कोशिशों के तहत सऊदी अरब की यात्रा पर गए हैं। इनमें से किसी ने भी यमनी अधिकारियों से मुलाक़ात नहीं की है। अबहा पर हमला शायद यह संदेश देने के लिए था कि यमनी अधिकारियों से बातचीत के बग़ैर कोई समाधान संभव नहीं है।

अबहा एयरपोर्ट पर हमला और यात्री विमान को भी जलाकर राख कर दिया जाना बहुत बड़ी घटना है। यह जिद्दा, बक़ैक़ और ख़रैस में आरामको तेल कंपनी के प्रतिष्ठानों पर होने वाले बड़े हमलों से ज़्यादा ख़तरनाक है। इसमें  संदेश यह है कि शांति की स्थापना की किसी भी प्रक्रिया का दरवाज़ा सनआ में है।

एतिहासिक शहर मारिब पर क़ब्ज़ा यमन युद्ध का बड़ा निर्णायक मोड़ साबित होगा। दोनों पक्षों ने इस मोर्चे पर बड़ी ज़ोरदार तैयारी की है। शायद यह इस युद्ध का सबसे भीषण टकराव है।

स्रोतः रायुल यौम


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