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विश्व विख्यात अमरीकी यहूदी विचारक नोआम चाम्स्कीः इस्राईल ईरान से ज़्यादा ख़तरनाक, ट्रम्प मनोरोगी, अलसीसी मिस्र के भयानक डिक्टेटर और नरेन्द्र मोदी का भी यही हाल है!

विश्व विख्यात अमरीकी यहूदी विचारक नोआम चाम्स्कीः इस्राईल ईरान से ज़्यादा ख़तरनाक, ट्रम्प मनोरोगी, अलसीसी मिस्र के भयानक डिक्टेटर और नरेन्द्र मोदी का भी यही हाल है!

मशहूर यहूदी विचारक नोआम चाम्स्की ने कहा कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प मनोरोगी हैं। इस्राईली वेबसाइट वाल्ला को साक्षात्कार दते हुए चाम्स्की ने कहा कि हर साल वैज्ञानिकों की बैठक होती है जिसमें यह जायज़ा लिया जाता है कि कौन से विषय हमारे लिए कितने ख़तरनाक हैं, जबसे ट्रम्प वाइट हाउस में पहुंचे हैं यह ख़तरा बहुत बढ़ गया है।

चाम्स्की ने कहा कि विशेषज्ञों को अब यह लगने लगा है कि मानवता का अंत होने वाला है, कोरोना संकट बहुत बड़ी त्रास्दी है जिसने लाखों की जानें ले लीं और यह संख्या तेज़ी से बढ़ रही है जबकि इस्राईल में भी हालात बहुत ख़राब हैं।

पूरे विश्व में अपनी खास पहिचान रखने वाले चाम्स्की ने कहा कि ट्रम्प सब कुछ ध्वस्त कर रहे हैं इसलिए वह विश्व स्वास्थ्य संगठन से बाहर निकल गए उन्हें केवल वोटों की फ़िक्र है इसके अलावा वह किसी भी बारे में नहीं सोचना चाहते।

चाम्स्की ने कहा कि तीन बड़े ख़तरे हैं जो मानवता के भविष्य के लिए विनाशकारी हैं एक परमाणु बम जिसका ख़तरा ट्रम्प के सत्ता में पहुंचने के बाद और बढ़ता जा रहा है, दूसरे जलवायु की त्रासदी और तीसरे लोकतंत्र का अंत, अगर इन तीनों ख़तरों पर अंकुश न लगाया गया तो हम व्यवहारिक रूप से मानवता के अंत की ओर प्रस्थान शुरू कर देंगे।

इस्राईल और अमरीका के बारे में बात करते हुए चाम्स्की ने कहा कि अमरीका में वामपंथी विचार बढ़ रहे हैं जबकि इस्राईल में दक्षिणपंथी विचारों का विस्तार हो रहा है और इस्राईल एक मात्र जगह है जहां युवा पीढ़ी ज़्यादा कट्टरपंथी और दक्षिणवादी है।

चाम्स्की यहूदी होने के बावजूद फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के समर्थक माने जाते हैं और इसीलिए इस्राईल ने उनके प्रवेश पर रोक लगा रखी है। उन्होंन कहा कि दुनिया में रूढ़िवादी और कट्टरपंथी विचारधाराएं बढ़ रही हैं, यह प्रक्रिया वाइट हाउस में भी शुरू हुई, ब्राज़ील में जारी है जबकि अरब देशों में भी इसकी तीव्रता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मिस्र के राष्ट्रपति अलसीसी इस देश के इतिहास के सबसे भयानक डिक्टेटर हैं और यही हाल भारत का है जहां प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार कश्मीर के इलाक़े में मुसलमानों को क़त्ल कर रही है।

चाम्स्की ने कहा कि इस्राईल को अमरीका की कट्टरपंथी ताक़तों से समर्थन मिलता है। उन्होंने कहा कि यदि मध्यपूर्व के इलाक़े को ग़ैर पारम्परिक हथियारों से मुक्त कर दिया जाए तो हो सकता है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम रोक दे। चाम्स्की ने कहा कि इस रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट इस्राईल है जिसे अमरीका का समर्थन हासिल है।


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