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विदेशमंत्री की सीरिया व तुर्की की यात्रा, क्षेत्र में स्थिरता के लिए ईरान की भूमिका पर बल

विदेशमंत्री की सीरिया व तुर्की की यात्रा, क्षेत्र में स्थिरता के लिए ईरान की भूमिका पर बल

इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ मंगलवार को सीरिया और तुर्की की यात्रा आरंभ करते हुए दमिश्क़ पहुंचे।

विदेशमंत्री ने अपनी इस यात्रा के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि क्षेत्र के हालिया परिवर्तनों के दृष्टिगत, विशेषकर गोलान पर ज़ायोनी शासन के क़ब्ज़े को अमरीका द्वारा स्वीकार किये जाने, बैतुलमुक़द्दस को ज़ायोनी राजधानी स्वीकार करने और हालिया दिनों में अत्यन्त मूर्खतापूर्ण क़दम के रूप में आईआरजीसी को आतंकवादियों की सूचि में शामिल करने के बाद परस्पर विचार विमर्श ज़रूरी हो गया था। विदेशमंत्री ने सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद से मुलाक़ात में परस्पर संबंधों और क्षेत्रीय परिवर्तनों पर चर्चा की। विदेशमंत्री ने इसी प्रकार अपनी सीरियाई समकक्ष वलीद मुअल्लिम से भी भेंट की और सीरिया से आतंकवादियों को बाहर निकालने की आवश्यकता पर बल दिया। अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ, सरगई बाबूरीन का कहना है कि यह जो आज सीरिया में आतंकवादियों के ठिकाने तबाह कर दिये गये हैं  वह निश्चित रूप से मास्को, तेहरान और अन्क़रा के सहयोग का ही परिणाम था। इन प्रयासों के साथ ही सीरिया की सरकार और जनता के सहयोग से पूरा इलाक़ा, आतंकवाद के एक बड़े खतरे से बच  गया किंतु क्षेत्र से आतंकवाद और उसके समर्थकों को भगाने वाले मोर्चे के सदस्यों के मध्य सहयोग और चर्चा का यथावत जारी रहना ज़रूरी है। यही वजह है कि ईरान के विदेशमंत्री सीरिया के बाद तुर्की गये हैं। 

सीरिया पर युद्ध थोपने से अमरीका, इस्राईल और सऊदी अरब का मुख्य उद्देश्य, प्रतिरोध मोर्चे को तोड़ना और इराक़ व सीरिया का नया मानचित्र बनाना था किंतु आतंकवादी संगठन दाइश की पराजय के साथ ही, इस त्रिकोण की साज़िश भी विफल हो गयी। आज सीरिया में जो कुछ हो रहा है वह इस बात का प्रमाण है कि अमरीका अब, क्षेत्र के राष्ट्रों की दशा अपनी इच्छा के अनुसार नहीं बदल सकता क्योंकि आज सीरिया ने अमरीका की इच्छा के विपरीत, बड़ी बड़ी सफलताएं अर्जित की हैं। सीरिया और इराक़ की सफलता में आईआरजीसी का महत्वपूर्ण रोल रहा है और यही चीज़ अमरीका और उसके घटकों के क्रोध का कारण बनी है और इसी लिए आतंकवाद से लड़ने वाले इस संगठन को अमरीका ने आतंकवादियों की सूचि में डाल दिया है । विदेशमंत्री से भेंट में सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद ने बिल्कुल सही बात कही कि अमरीका और कुछ अन्य पश्चिमी देशों की नीतियां, ईरान और सीरिया तथा उनके घटक अपने राष्ट्रों के अधिकारों की रक्षा के मामले में पीछे हटने पर विवश नहीं कर सकतीं।


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