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विज्ञान में ईरान की ऊंची छलांग, साइंटिफ़िक कूटनीति में की ज़बरदस्त प्रगति, भारत से रहा बहुत कम फ़ासला

विज्ञान में ईरान की ऊंची छलांग, साइंटिफ़िक कूटनीति में की ज़बरदस्त प्रगति, भारत से रहा बहुत कम फ़ासला

ईरान की विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रशस्ति संस्थान तथा विज्ञान व प्रौद्योगिकी निगरानी संस्था के प्रमुख ने देश की वैज्ञानिक कूटनीति (Scientific diplomacy) की उच्चतम विकास दर की घोषणा की है।

हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार आईएससी के प्रमुख मुहम्मद जवाद दहक़ानी का कहना है कि स्कोपस इंटरनेशनल डेटाबेस की वेबसाइड के डेटा से पता चलता है कि 2021 की शुरुआत से ईरान की वैज्ञानिक कूटनीति 34 प्रतिशत से अधिक पर पहुंच गई है जो 20 वर्षों में अपने उच्चतम स्तर पर है।

सेमनान विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं को सम्मानित करने के लिए आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में श्री दहक़ानी का कहना था कि 2019 तुलना में 2020 में यह स्पष्ट हो गया कि ईरान ने दुनिया में वैज्ञानिक कूटनीति में 12.5 प्रतिशत के विकास और भारत से 0.14 प्रतिशत के अंतर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है।

उनका कहना था कि वैज्ञानिक भागीदारी वैज्ञानिक कूटनीति के लिए रास्ता खोलती है। दूसरी ओर विज्ञान व टेक्नालाजी तथा रिसर्च के संबंध में 4 प्रदर्शनियां मंगलवार से ईरान में शुरु हो गयीं।

रिसर्च सप्ताह के अवसर पर शुरु होने वाली 4 प्रदर्शनियों का उद्घाटन ईरान के राष्ट्रपति के विज्ञान और टेक्नालाजी के सलाहकार सूरना सत्तारी ने एक वेबनार द्वारा किया।

इस अवसर पर ईरान के उच्च शिक्षामंत्री मुहम्मद अली ज़ुल्फ़ीगुल भी मौजूद थे।

ईरान के विभिन्न शहरों में मंगलवार से शुरु होने वाली विज्ञान की प्रदर्शनियों में देश के 19 विश्वविद्यालय, 32 विज्ञान और टेक्नालाजी पार्क और 14 कंपनियां और संस्थाएं भाग ले रही हैं।

प्रदर्शनियों के दौरान 41 चयनित टेक्नालाजियों का अनावरण भी किया जाएगा।

इसके अलावा नवीन और फ़्यूचर टेक्नालाजियों के संबंधित पहली प्रदर्शनी भी मंगलवार से तेहरान के इन्टरनेश्नल ट्रेड फ़ेयर सेन्टर में शुरु हो गयी जिसमें आर्टिफ़िशियल एंटेंलीजेंस और इन्टरनेट आफ़ थिंग्स के 21 उत्पादों का अनावरण किया जा रहा है।


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