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यूरोप का हर पांचवां नागरिक, ग़रीबी का शिकार है

यूरोप का हर पांचवां नागरिक, ग़रीबी का शिकार है

यूरोप में निर्धन्ता लगातार बढ़ती जा रही है। सर्वेक्षण के अनुसार वहां का हर पांचवां नागरिक, ग़रीबी का शिकार हो रहा है।

2008 के गंभीर आर्थिक संकट के बाद यूरोपीय संघ ने वचन दिया था कि वह इस संघ के नागरिकों को ग़रीब होने से रोकेगा जबकि संयुक्त राष्ट्रसंघ का कहना है कि यूरोपीय संघ के सारे सदस्य देश, इस वचन को पूरा करने में अक्षम रहे हैं।

यूरो न्यूज़ के अनुसार यूरोप में निर्धन्ता से संघर्ष करने वाले राष्ट्रसंघ के कार्यालय के अनुसार इस साल यूरोप के 21 प्रतिशत लोग निर्धनता का शिकार हुए हैं।  राष्ट्रसंघ के अनुसार इनमें 19 मिलयन 4 लाख बच्चे और 20 मिलयन 4 लाख मज़दूर शामिल हैं।  इसी बीच राष्ट्रसंघ के विशेष रिपोर्टर ने बताया है कि यह स्थिति आगामी महीनों में और ख़राब होने जा रही है।  उनके अनुसार एसे भी बहुत से लोग हैं जो कोविड-19 से पहले निर्धनता में जीवन गुज़ार रहे थे जबकि इसका दूसरा चरण इससे अधिक कठिन होगा जिसमें अधिक लोग दीवालिया होंगे और बहुत से लोगों का रोज़गार चला जाएगा।

याद रहे कि यूरोपीय संघ के देशों ने पिछले साल वादा किया था कि वे निर्धनों की संख्या में 20 मिलयन की कमी लाएंगे।  यूरोप की केन्द्रीय बैंक की रिपोर्ट के अनुसार यूरो क्षेत्र को कोरोना से अरबों डाॅलर का नुक़सान हुआ है जिसमें फ्रांस का घाटा 800 अरब डाॅलर था। 


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