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यूरोपीय देश ईरान पर आरोप लगाने के बजाए पहले अपने गिरेबान में झांकें, ज़रीफ़

यूरोपीय देश ईरान पर आरोप लगाने के बजाए पहले अपने गिरेबान में झांकें, ज़रीफ़

ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने परमाणु समझौते को लेकर यूरोपीय देशों के व्यवहार की कड़ी आलोचना की है।

फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक़, ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने शुक्रवार को अपने एक ट्वीट में उल्लेख किया कि परमाणु समझौते में शामिल तीन यूरोपीय देश, जेसीपीओए के तहत अपने दायित्वों को पूरा करने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहाः क्या हमारे तीन यूरोपीय सहयोगियों ने समझौते के 36वें अनुच्छेद और इसके तहत ईरान द्वारा लिखे गए कई पत्रों को पढ़ा है?

उन्होंने आगे कहाः किस तर्क के तहत ईरान अपने क़दम पीछे खींच ले, जो परमाणु समझौते से अमरीका के निकलने के एक साल बाद उठाए गए थे।

ईरान पर परमाणु समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाने वाले तीन यूरोपीय देशों ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी से उन्होंने पूछा कि अब तक उन्होंने इस समझौते को बचाने के लिए कौनसे क़दम उठाए हैं।

अमरीका 2018 में सन् 2015 में हुए परमाणु समझौते से निकल गया था और उसने फिर से ईरान के ख़िलाफ़ कड़े आर्थिक प्रतिबंध लागू कर दिए थे, जिसके जवाब में ईरान ने समझौते के तहत अपने कुछ वादों में कमी कर दी थी।

तेहरान का कहना है कि तीन यूरोपीय देश अगर अपने दायित्वों को पूरा करते हैं और अमरीकी प्रतिबंधों की कोई काट तलाश करते हैं तो वह फिर से अपने सभी वादों पर अमल शुरू कर देगा।


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