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यूक्रेन अमेरिकी नीतियों की भेंट चढ़ा है, ईरान युद्ध के पक्ष में नहींः आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामनेई

यूक्रेन अमेरिकी नीतियों की भेंट चढ़ा है, ईरान युद्ध के पक्ष में नहींः आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामनेई

ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई, पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लललाहो अलैहि व आलेही व सल्लम की बेअसत यानी पैग़म्बरी के एलान के दिन के उपलक्ष्य में ईरानी राष्ट्र सहित पूरे इस्लामी जगत को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका एक माफ़िया शासन है और यूक्रेन उसकी नीतियों की भेंट चढ़ा है।

इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने मंगलवार को पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम को अंतिम ईश्वरीय दूत बनाए जाने की घोषणा और मेराज के उपलक्ष्य में टीवी चैनल के ज़रिए एक महत्वपूर्ण भाषण दिया है। सर्वोच्च नेता ने ईदे बेअसत के शुभ मौक़े पर दुनिया भर के मुसलमानों को मुबारकबाद पेश की। आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने इस अवसर पर दिए अपने अहम भाषण में कहा कि अमेरिकी शासन आधुनिक अज्ञानता का एक आदर्श उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह शासन जहां स्वयं एक संकट है वहीं संकटों का जन्मदाता भी है। सर्वोच्च नेता ने कहा कि अमेरिका दुनिया में संकट पैदा करके ही जीवित है। उन्होंने कहा अमेरिका ने यूक्रेन में हस्तक्षेप करते हुए  रंगभेद के नाम पर तख़्तापलट करके यूक्रेन की स्थिरता को बिगाड़ दिया।

आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने कहा कि आज की दुनिया में सब कुछ कंपनियों और उद्योगपतियों की जेबों को भरना ही महत्वपूर्ण काम बन गया है, इसी तरह विज्ञान का इस्तेमाल इंसानों की जान लेने के लिए किया जाने लगा है। उन्होंने कहा कि एक ओर इसी विज्ञान का उपयोग मानव जीवन को बचाने वाली वैक्सीन बनाने के लिए किया जाता है, जबकि दूसरी ओर इसी विज्ञान का उपयोग ऐसे हथियार बनाने के लिए किया जाता है कि जिससे विज्ञान के ही ज़रिए बचाए गए लोगों के मुक़ाबले में दस गुना उन्हें मार दिया जाता है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने वर्तमान समय में अमरीकी को आधुनिक अज्ञानता का प्रतीक बताते हुए उसे माफिया शासन बताया है।  उन्होंने कहा कि यह एसा माफिया शासन है जिसके भीतर राजनीतिक, आर्थिक और हथियार बनाने वाले जैसे कई चैनेल मौजूद हैं जिनको विश्व में संकट पैदा करके ही जीवित रखा जाता है।  वरिष्ठ नेता ने इन माफिया गुटों के प्रभाव का उल्लेख करते हुए बताया कि अमरीका में राष्ट्रपति बनाने और उन्हें हटाने में इनका हाथ होता है।  आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि इनको बाक़ी रखने के लिए विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में संकट पैदा करने की ज़रूरत होती है।  उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान दाइश जैसे आतंकी गुट को भी अमरीका के माफ़िया शासन ने ही बनाया था।  आपने कहा कि इसी माफिया शासन के हाथों बनाया गया दाइश सार्वजनिक रूप में निर्दोष लोगों के गले काटता था, उनको ज़िंदा जला देता था या लोगों को डिबोकर मार देता था।  यह सब इसलिए किया जाता था ताकि इन संकटों का लाभ उठाकर अमरीका के हथियारों के कारख़ाने चलते रहें।  इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने यूक्रेन संकट को भी अमरीकी नीतियों का ही परिणाम बताया।  उन्होंने कहा कि इस समय यूक्रेन, अमरीका की संकट उत्पन्न करने वाली नीति का शिकार हुआ है।  वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान, युद्ध का विरोधी है।  उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में लोगों की हत्याएं, जानमाल का नुक़सान और राष्ट्रों की आधारभूत संरचना के विनाश का ईरान विरोध करता है।  इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने अमरीका द्वारा विश्व में संकट पैदा करने की ओर संकेत करते हुए कहा कि अमरीका, पूर्वी सीरिया में क्या कर रहा है, वह वहां से तेल क्यों चुरा रहा है, क्यों अफ़ग़ानिस्तान की राष्ट्रीय संपत्ति पर क़ब्ज़ा कर रखा है, क्यों पश्चिमी एशिया में ज़ायोनियों के अत्याचारों और अपराधों का समर्थन करता है?  वह यह सारे काम मानवाधिकारों की सुरक्षा के नाम पर करता है।  उन्होंने यमन की जनता के विरुद्ध अमानवीय कार्यवाहियों को अमरीका और पश्चिम की विरोधाभासी नीतियों का अन्य उदाहरण बताया।  आपने कहा कि आठ वर्षों से यमन की जनता बमबारी के साए में है लेकिन पश्चिम न केवल यह कि इसकी निंदा नहीं करता बल्कि यमनी जनता के विरुद्ध किये जाने वाले अत्याचारों का वह व्यवहारिक रूप में समर्थन कर रहा है।


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