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यूएई में तख़्तापलट की संभावना, विद्रोह को कुचलने के लिए इस्राईली और अमरीकी एजेंट तैनात

यूएई में तख़्तापलट की संभावना, विद्रोह को कुचलने के लिए इस्राईली और अमरीकी एजेंट तैनात

इस्राईल के अख़बार यिस्राईल ह्यूम ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में तख़्तापलट की संभावना जताई है।

यिस्राईल ह्यूम ने यूएई में तख़्तापलट की संभावना पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि तेल-अवीव के राजनीतिक गलियारों में आजकल यह मुद्दा सबसे ज़्यादा गर्म है।

ज़ायोनी अधिकारियों को डर है कि इस्राईल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने की पहल करने वाले यूएई के शासन को उसके विरोधी उखाड़ फेंकने का प्रयास कर सकते है।

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने 13 अगस्त को इस्राईल और यूएई के बीच, संबंधों को सामान्य बनाने के समझौते का एलान किया था। 15 अगस्त को इस्राईली और अमीराती अधिकारी, व्हाइट हाउस में औपचारिक रूप से इस समझौते पर दस्तख़त करने वाले हैं।

यूएई के बाद, बहरीन फ़ार्स खाड़ी का दूसरा ऐसा अरब देश है, जिसने 11 सितम्बर को इस्राईल के साथ तथाकथित शांति समझौता करने का एलान किया है।

इस्राईली अख़बार ने एक वरिष्ठ ज़ायोनी अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट दी है कि तेल-अवीव में इस वक़्त अरब देशों के साथ रिश्तों को लेकर जश्न का माहौल है, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हम एक अस्थिर क्षेत्र में रह रहे हैं, जहां हालात किसी भी समय करवट ले सकते हैं और माहौल पूरी तरह से पलट सकता है।

इस्राईली अधिकारी ने ज़ायोनी शासन के साथ अरब शासकों के समझौतों से अरब जगत में व्याप्त रोष पर भी गहरी चिंता जताई।

इसाईली अख़बार का कहना है कि अरब सरकारों के विरोधी, जनता के क्रोध की लहरों पर सवार होकर क्षेत्र को अस्थिर कर सकते हैं और इस्राईली और अमरीकी समर्थक सरकारों का तख़्तापलट हो सकता है।

सूत्रों का कहना है कि नवम्बर में अमरीका में आयोजित होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले सऊदी अरब समेत फ़ार्स खाड़ी के कुछ अरब दूसरे देश भी यूएई और बहरीन का अनुसरण करते हुए संबंधों को सामान्य बनाने के समझौते का एलान कर सकते हैं।

इन अरब देशों की सरकारों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए बड़ी संख्या में अमरीका और इस्राईल ने अपने जासूसों को वहां तैनात किया है और अरब शासकों को उनका शासन बचाए रखने का भरपूर आश्वासन दिया है।


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