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यमन, जंग के मैदान में मुंह की खाने के बाद अब वार्ता में शामिल होना चाहता है अमरीका

यमन, जंग के मैदान में मुंह की खाने के बाद अब वार्ता में शामिल होना चाहता है अमरीका

यमन और ओमान के बीच वार्ता की प्रगति की ख़बरों के बीच समाचारिक सूत्रों ने बताया है कि इस वार्ता में अमरीका स्वयं को क़ानूनी दिखाकर वार्ता में शामिल होने की कोशिश कर रहा है।

अलअख़बार समाचारपत्र के अनुसार सनआ हवाई अड्डे को खोले जाने और अलहुदैदा बंदरगाह की पाबंदियों को समाप्त कराने के उद्देश्य से यमन और ओमान के बीच वार्ता प्रगति की ओर बढ़ रही है। यमन की उच्च राजनैतिक परिषद ने भी इसकी सराहना की है।

इस परिषद की ओर से कहा गया है कि यमन की जनता के दुखों को दूर करने और परिवेष्टन को सच्चे ढंग से समाप्त करने के प्रयासों का हम दिल से स्वागत करते हैं।  यमन की उच्च राजनैतिक परिषद के अनुसार वार्ता में तीन मुद्दों को बिल्कुल भी अनदेखा नहीं किया जा सकता।  परिवेष्टन को समाप्त करना, जल-थल और वायु हमलों को तत्काल रुकवाना और विदेशी सैनिकों की वापसी के साथ ही साथ यमन के आंतरिक मामलों में हर प्रकार के हस्तक्षेप से परहेज़।

यह इस स्थिति में है कि जब अमरीका दबाव डाल रहा है कि वार्ता में उसके दृष्टिगत मुद्दों को ही उठाया जाए जिसको जानकार खुले हस्तक्षेप और ज़बरदस्ती अपनी बात मनवाने के अर्थ में देख रहे हैं।

याद रहे कि सऊदी अरब ने मार्च 2015 को अमरीका और यूएई सहित कुछ देशों के समर्थन से यमन पर ज़मीनी और हवाई हमले आरंभ किये साथ ही उसकी बंदरगाहों का परिवेष्टन कर लिया।  सऊदी अरब द्वारा यमन पर थोपे गए युद्ध में अब तक 17000 से अधिक यमनी हताहत और हज़ारों घायल हुए हैं जबकि इस दौरान हमलों के कारण लाखों लोग पलायन करने पर विवश हुए हैं।


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