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यमन का डर, सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों में ब्रिटिश सैनिक तैनात! कहीं तैयारी तो नहीं?

यमन का डर, सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों में ब्रिटिश सैनिक तैनात! कहीं तैयारी तो नहीं?

ब्रिटेन के सूत्रों ने बताया है कि सऊदी अरब की आयल फील्ड की सुरक्षा के लिए ब्रिटिश सैनिकों को खुफिया रूप में तैनात कर दिया गया है।

ब्रिटेन से प्रकाशित होने वाले समाचारपत्र इन्डिपेंडेंट के अनुसार सऊदी अरब के आयल फील्डस की सुरक्षा के लिए ब्रिटिश सैनिकों की तैनाती का फैसला, सरकार ने संसद में चर्चा के बिना  लिया है और इस बारे में देश की जनता को भी कुछ नहीं बताया गया है। 

विपक्षी लेबर पार्टी ने सरकार के इस फैसले को नैतिकता  से दूर बताया है और इसे पूछताछ से बचने की कोशिश कहा  है। 

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने भी इस बारे में कहा है कि आयल फील्ड अर्थ व्यवस्था मूल भूत ढांचा हैं और हमारे सैनिक, ड्रोन हमलों  से बचने में सहयोग के लिए वहां तैनात किये गये हैं। 

ब्रिटिश रक्षामंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया है कि वर्तमान समय में ड्रोन हमलों को रोकने के लिए अत्याधुनिक राडार सिस्टम वहां पर लगाए गये हैं लेकिन इसके बावजूद प्रवक्ता ने ब्योरा देने से इन्कार कर दिया। 

ब्रिटिश सेना के वरिष्ठ अधिकारी, जेम्स हिप्पी ने बताया है कि इन सैनिकों की तैनाती के लिए अब तक ब्रिटेन ने आठ लाख चालीस हज़ार तीन सौ साठ पौंड खर्चा किया है और खर्चा जारी है। 

ब्रिटेन की लेबरल डेमोक्रेटिम पार्टी की प्रवक्ता लैला मैरून ने भी कहा है कि सऊदी अरब में ब्रिटिश सैनिकों की खुफिया तैनाती की खबर शॅाक्ड करने वाली है। 

इसके अलावा लेबर पार्टी की अंतरिम सरकार में उपरक्षामंत्री रहे स्टीफन मोर्गन ने भी कहा है कि ब्रिटेन की सरकार ज़िम्मेदारी स्वीकार करने से भाग रही है ताकि उसे संसद में इस मुद्दे पर चर्चा न करानी पड़े और यह सरकार की अयोग्यता का चिन्ह है। 

याद रहे सऊदी अरब के हमलों के जवाब में यमन के ड्रोन हमलों ने रियाज़ की नींद उड़ा दी है।

हालिया दिनों में यह कहा जा रहा है कि सऊदी अरब, इस्राईल और अमरीका ने मिल कर ईरान के खिलाफ कार्यवाही की योजना बनायी है।


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