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मैं मन की बात कहने नहीं, समस्याएं सुनने आया हूंः राहुल गांधी

मैं मन की बात कहने नहीं, समस्याएं सुनने आया हूंः राहुल गांधी

कांग्रेस नेता ने तमिलनाडू के अपने दौरे में जनता से कहा है कि मैं आपसे अपने मन की बात करने नहीं आया हूं बल्कि आपकी समस्याएं सुनने के लिए यहां आया हूं।

तमिलनाडु दौरे के दूसरे दिन राहुल गांधी ने इरोड में रोड शो के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं यहां आपको यह बताने नहीं आया हूं कि क्या करना चाहिए बल्कि मैं तो यहां पर आपको सुनने तथा आपकी समस्याओं को सुनकर उन्हें सुलझाने में मदद करने के लिए आया हूं।

भारतीय संचार माध्यमों के अनुसार इससे पहले शनिवार को तमिलनाडु दौरे के पहले दिन तिरुपुर में एक सभा में राहुल गांधी ने कृषि कानून को लेकर कुछ बातें कही थीं। किसान ट्रैक्टर रैली को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि देश के इतिहास में हम पहली बार देख रहे हैं कि किसान, 26 जनवरी को रैली कर रहे हैं क्योंकि वे दुखी हैं और इस बात को समझते हैं कि जो उनका है वह उनसे छीना जा रहा है।  राहुल गांधी ने कृषि कानूनो को किसानों के लिए नोटबंदी की तरह बताया। उन्होंने कहा कि मुझे यह देखकर बहुत गर्व है कि किसान, दिल्ली से बाहर ठंड में बैठे हुए हैं और यह किसान, प्रधानमंत्री मोदी जी को कृषि कानून लागू करने की अनुमति नहीं दे रहे हैं।

राहुल ने कहा कि मोदी जी, गरीबों की शक्ति को नहीं समझते हैं।  उन्होंने कहा कि हमारा काम उन्हें गरीबों, श्रमिकों और किसानों की शक्ति को समझना है।  राहुल गांधी ने कहा कि कितने खेद की बात है कि मोदी सरकार, किसानों की परेशानी सुनने की बजाय उन्हें आतंकी बात रही है।  राहुल गांधी ने मंहगाई के मुद्दे पर भी मोदी सरकार को घेरा। एक सप्ताह में चौथी बार कीमतों में भारी वृद्धि के बाद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों के अबतक की सर्वाधिक ऊंचाई पर पहुंचने के एक दिन बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसकी कड़ी आलोचना की।


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