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मेरी मुर्गी वापस करो ! इस्राईली सैनिकों की फायरिंग के सामने डटने वाला लेबनानी बच्चा बना अरबों के प्रतिरोध का प्रतीक... सोशल मीडिया पर तूफान…

मेरी मुर्गी वापस करो ! इस्राईली सैनिकों की फायरिंग के सामने डटने वाला लेबनानी बच्चा बना अरबों के प्रतिरोध का प्रतीक... सोशल मीडिया पर तूफान…

आज कल अरब जगत के सोशल मीडिया पर एक लेबनान लड़के ने हंगामा मचा रखा है।

लेबनान के 9 वर्षीय हुसैन शरतूनी उस वक्त अरब जगत  में मशहूर हो गये जब उन्होंने सीमा पार करने वाली अपनी मुर्गी को इस्राईली सैनिकों से मांगा।

दर अस्ल हुसैनी शलतूनी की एक मुर्गी भाग कर इस्राईली सीमा में घुस गयी जिसके बाद वह भी उसके पीछे दौड़े मगर इस्राईली सैनिक सीमा की तरफ आता देख कर हवाई फायरिंग करने लगे मगर हुसैन रुके नहीं और निकट जाकर इस्राईली सैनिकों से अपनी मुर्गी मांगने लगे।

हुसैन शलतूनी का एक वीडिया वायरल हो रहा है जिसमें वह पूरा क़िस्सा इस तरह से बताते हैः

" मेरे पिता ने मुर्गियां खरीदीं, दो मेरी और दो मेरे भाई की, सुबह जब हमने दरबा खोला तो मेरी मुर्गी यहूदियों के पास भाग गयी, मैं भी उसके पीछे दौड़ा लेकिन सैनिकों ने हवाई फायरिंग शुरु कर दी, लेकिन मैं डरा नहीं, उन्होंने मेरी मुर्गी ले ली और अभी तक वापस नहीं की, मेरी मुर्गी वापस दो। "

" मेरी मुर्गी वापस करो" हैश टैक लेबनान और फिर पूरे अरब जगत में ट्रेंड करने लगा और लोग इस्राईली सैनिकों के सामने लेबनानी बच्चे की साहस की जम कर प्रशंसा कर रहे हैं जिसे इस्राईली सैनिक फायरिंग करके डरा नहीं पाए।

हुसैन का एक फोटो भी सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है जिसमें वह एक मुर्गी लिए खड़े हैं, लोग लिख रहे हैं कि यह यह, इस्राईली सैनिकों के क़ब्ज़े में कैद मुर्गी की बहन है।

सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि हुसैन और उसकी मुर्गी की कहानी वास्तव में अपनी ज़मीन और इलाक़े पर क़ब्ज़ा करने वाले इस्राईल के प्रति एक अरब की भावना का प्रदर्शन है और लेबनानी जनता में इस्राईल के सामने संर्घष की भावना का प्रतीक है।

एक ने इस घटना पर प्रतिक्रिया प्रकट करते हुए लिखा है कि वह लेबनान के हिज़्बुल्लाह से उसका हथियार छीनना चाहते हैं और हसन अपनी मुर्गी भी छोड़ने पर तैयार नहीं है।

एक अन्य ने लिखा हैः जब तक हमारे यहां इस तरह के बच्चे पैदा होते रहेंगे जो अपने अधिकार को वापस लेने के लिए किसी चीज़ नहीं डरते होंगे तब तक हमारा देश और हमारी धरती सुरक्षित रहेगी।

 

सोशल मीडिया पर बहुत से लोगों ने इस्राईली सेना से मांग की है कि वह हुसैन की मुर्गी वापस करे।

अरब जगत में हुसैन के साथ होने वाली इस घटना का खूब  चर्चा है क्योंकि इस घटना से यह पता चलता है कि भले ही कुछ अरब देश इस्राईल के साथ मित्रता कर रहे हैं मगर आम अरब आज भी अपने सम्मान और अपने हक़ के लिए निडर होकर इस्राईल के सामने खड़े होने का हौसला रखता है।

अरब विश्लेषकों के अनुसार हुसैन और उसकी मुर्गी की घटना में एक और बहुत बड़ी सच्चाई छुपी है और वह यह कि लेबनान की सीमा पर रहने वाले, हिज़्बुल्लाह और उसकी शक्ति पर इतना भरोसा करते हैं कि उन्हें इस्राईल और उसके सैनिकों से तनिक भी डर नहीं लगता।


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