एस-300 की तैनाती के बाद, सीरिया पर हमला करने से पहले इस्राईल को कई बार सोचना पड़ेगा, दमिश्क़

एस-300 की तैनाती के बाद, सीरिया पर हमला करने से पहले इस्राईल को कई बार सोचना पड़ेगा, दमिश्क़

दमिश्क़ का कहना है कि सीरिया पर हमला करने से पहले अब इस्राईल को दो बार सोचना पड़ेगा।

सीरिया के उप विदेश मंत्री फ़ैसल मिक़दाद का कहना है कि उनका देश सतह से हवा में लम्बी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल रक्षा प्रणाली एस-300 को तैनात करने जा रहा है, जिसके बाद इस्राईली विमानों को क्षेत्र में उड़ान भरने से पहले कई बार सोचना पड़ेगा।

ग़ौरतलब है कि दशकों से इस्राईल मनमाने रूप से सीरिया और लेबनान की वायु सीमा का ख़ुल्लम खुल्ला उल्लंघन करके हवाई अड्डों, अनुसंधान केन्द्रों और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले करता रहा है।

लेकिन 17 सितम्बर को एक इस्राईली युद्धक विमान ने सीरिया के लताकिया प्रांत में हमला करने के बाद, सीरियाई मिसाइल प्रणाली एस-200 से बचने के लिए इलाक़े में उड़ान भर रहे रूसी विमान आईएल-20 को ढाल के रूप में प्रयोग किया, जिसके कारण ग़लती से रूसी विमान मिसाइल रक्षा प्रणाली के निशाने पर आकर ध्वस्त हो गया, रूसी सैन्य विमान पर 15 लोग सवार थे।

इस घटना के लिए इस्राईल को ज़िम्मेदार ठहराते हुए मास्के ने सोमवार को एलान किया था कि वह अगले दो हफ़्तों के दौरान दमिश्क़ को एस-300 मिसाइल प्रणाली देने जा रहा है।

रूस की इस घोषणा के बाद, जहां इस्राईल में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं अमरीका ने भी रूस के इस फ़ैसले पर कड़ी आलोचना की है।

इस संदर्भ में मंगलवार को मिक़दाद ने कहा, एस-300 मिसाइल रक्षा प्रणाली की तैनाती के बाद, भविष्य में किसी भी इस्राईल हमले का मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा।

उन्होंने कहा, इस्राईल विभिन्न बहानों से अब तक सीरिया पर हमले करता रहा है, लेकिन इसके बाद से वह ऐसा कोई भी क़दम उठाने से पहले दो बार सोचने पर मजबूर होगा। अगर इस्राईल फिर भी कोई हमला करता है तो हम पहले की तरह अपनी रक्षा करेंगे।

मास्को का कहना है कि एस-300 की तैनाती से सीरियाई वायु सीमा इस्राईल के लिए बंद हो जाएगी और इसस क्षेत्र में शांति की स्थापना में मदद मिलेगी।


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