हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई

अमेरिका का मध्यपूर्व से कोई संबंध नहीं / क्षेत्र में अमेरिका की मौजूदगी से आतंकवाद को मिल रही है मज़बूती।

अमेरिका का मध्यपूर्व से कोई संबंध नहीं / क्षेत्र में अमेरिका की मौजूदगी से आतंकवाद को मिल रही है मज़बूती।

अमेरिका को जान लेना चाहिए कि ईरान फ़िलिस्तीन के मुद्दे से एक इंच भी पीछे नहीं हटेगा और फिलीस्तीन की मज़लूम जनता का समर्थन जारी रखे।

अहलेबैत अ. न्यूज़ एजेंसी अबनाः ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ने इस्लामी रिपब्लिक ईरान के उच्च अधिकारियों को संबोधित करते हुए इस्लामी व्यवस्था पर ईरानी जनता के विश्वास की ओर इशारा करते हुए कहा कि ईरानी राष्ट्र ने चुनाव में राष्ट्रपति चुनकर एक संयुक्त काम अंजाम दिया और इस्लामी प्रणाली पर एक बार फिर अपना विश्वास व्यक्त किया है।
रिपोर्ट के अनुसार ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने रमज़ानुल मुबारक के सत्रहवें दिन शाम में इस्लामी रिपब्लिक ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाक़ात की। सुप्रीम लीडर ने ने इस बैठक में राष्ट्रपति चुनाव में ईरानी जनता की भरपूर भागीदारी को इस्लामी व्यवस्था के लिए गौरव और एक अदभुद काम बताते हुए कहा कि ईरानी जनता को इस्लामी व्यवस्था पर पूरा विश्वास है जबकि अमेरिका इस्लामी व्यवस्था का असली दुश्मन है। ईरानी अधिकारियों को अमेरिका की दुश्मनी और बैर के बारे में होशियार रहना चाहिए और अमेरिका पर विश्वास नहीं करना चाहिए बल्कि घरेलू और राष्ट्रीय हितों के संबंध में ठोस और मजबूत कदम उठाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने देश के प्रबंधन को देश की प्रगति और विकास में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ईरान के उच्च अधिकारियों को चाहिए कि वह देश के आंतरिक संसाधनों पर भरोसा करते हुए जनता की समस्याओं को हल करने के लिए खोज और कोशिश करें और इस संबंध में अमेरिका की ओर देखना बंद कर दें।
ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने फरमाया: हमारे अधिकारियों ने कुछ जगह दुश्मन के हाथ में बहाना न देने की वजह से दुश्मन पर भरोसा किया लेकिन अमेरिका ने फिर भी ईरान के खिलाफ अपनी दुश्मनी जारी रखी हुई है और वह ईरान की इस्लामी व्यवस्था को चोट पहुंचाने का कोई मौका हाथ से जाने नहीं देता इसलिए हमें दुश्मन पर भरोसा नहीं करना चाहिए हमारे पास मानव और वित्तीय संसाधनों की कोई कमी नहीं हमें केवल सही और सटीक प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और घरेलू समस्याओं को देश के आंतरिक संसाधनों के जरिए समाधान करना चाहिए।
ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने संयुक्त परमाणु समझौते पर कार्यवाहक परिषद के लिए ज़ोर देते हुए फरमाया: संयुक्त परमाणु समझौते पर सटीक नज़र रखनी चाहिए अगर दुश्मन समझौते के अनुसार काम नहीं करता तो ईरान को भी दुश्मन के मुकाबले में पीछे नहीं हटना चाहिए।
ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने फरमाया: अमेरिका को जान लेना चाहिए कि ईरान फ़िलिस्तीन के मुद्दे से एक इंच भी पीछे नहीं हटेगा और फिलीस्तीन की मज़लूम जनता का समर्थन जारी रखे।
ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने ईरानी राष्ट्र को जीवित, क्रांतिकारी और इस्लामी राष्ट्र बताते हुए कहा: ईरानी राष्ट्र ने हमेशा अन्याय का मुकाबला और मज़लूमों के साथ दिया है और आगे भी ईरानी राष्ट्र अत्याचारियों के खिलाफ और मज़लूमों के साथ रहेगा।
ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने फरमाया: अमेरिका का मध्य पूर्व और इस क्षेत्र से कोई संबंध नहीं है वे केवल इस क्षेत्र में इस्राईल और कुछ अरब तानाशाह शासकों का समर्थन करके आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है।
ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर की बात से पहले राष्ट्रपति हसन रूहानी ने घरेलू और विदेशी मुद्दों के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। इस बैठक के बाद दर्शकों ने सुप्रीम लीडर की इमामत में नमाज़े मग़रिब व इशा पढ़ी और इफ़तार किया।



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