?>

मस्जिदुल अक़्सा में दसियों हज़ार फ़िलिस्तीनियों ने पढ़ी जुमे की नमाज़, हनिया ने ईरान का आभार जताया, कौन है मोहम्मद अज़्ज़ैफ़, जिसके नाम की मस्जिदल अक़्सा में हो रही थी जय जयकार!

मस्जिदुल अक़्सा में दसियों हज़ार फ़िलिस्तीनियों ने पढ़ी जुमे की नमाज़, हनिया ने ईरान का आभार जताया, कौन है मोहम्मद अज़्ज़ैफ़, जिसके नाम की मस्जिदल अक़्सा में हो रही थी जय जयकार!

दसियों हज़ार की तादाद में फ़िलिस्तीनियों ने मस्जिदुल अक़्सा में जुमे की नमाज़ पढ़ी और ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ प्रतिरोध की जीत का जश्न मनाया।

मस्जिदुल अक़्सा में जुमे की नमाज़ के बाद, फ़िलिस्तीनियों ने बड़े पैमाने पर जीत का जश्न मनाया।

 

इसके बाद फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास के पोलित ब्यूरो प्रमुख इस्माईल हनीया ने एक बयान में इस्लीमी गणतंत्र ईरान की ओर से प्रतिरोध की मदद की सराहना की।

अल-जज़ीरा के मुताबिक़, इस्माईल हनीया ने कहाः हमारी जनता के विभिन्न वर्गों के दसियों हज़ार की तादाद में लोग मस्जिदुल अक़्सा के समर्थन में इस पवित्र स्थल की ओर दौर पड़े ताकि यह बताएं कि मस्जिदुल अक़्सा हमारे लिए लाल रेखा की हैसियत रखती है।

उन्होंने अपने बयान में कहा कि दुनिया के स्वतंत्रता प्रेमियों और इस्लामी जगत ने बैतुल मुक़द्दस और ग़ज़्ज़ा पट्टी में हमारी बहादुरी और दृढ़ता देखी।

उन्होंने क़ुद्स को फ़िलिस्तीनी राष्ट्र का अंग बताया और कहा कि मस्जिदुल अक़्सा हमारे लिए लाल रेखा की हैसियत रखती है, और हमारा राष्ट्र और इस्लामी जगत कभी भी मस्जिदुल अक़्सा को अकेला नहीं छोड़ेगा।
इस्माईल हनीया ने कहाः वीर प्रतिरोध ने ईश्वर की कृपा से, रणनैतिक नज़र से बड़ी विजय हासिल की, ग़ज़्ज़ा क़ुद्स की रक्षा के लिए उठ खड़ा हुआ। यह जीत सभी गुटों की संयुक्त कोशिश से हासिल हुयी।

उन्होंने कहा अवैध ज़ायोनी शासन के सुरक्षा व सैन्य ढांचे और हमारी सरज़मीं पर उसकी मौजूदगी के भविष्य पर इस हार का गहरा असर पड़ेगा।

उन्होंने अपने भाषण में प्रतिरोध के सभी कमांडरों ख़ास तौर पर क़स्साम ब्रिगेड के कमांडर मोहम्मद ज़ैफ़ का ज़िक्र किया जिनके नाम से मस्जिदुल अक़्सा गूंज रही थी। मस्जिदुल अक़्सा में फ़िलिस्तीनी, मोहम्मद ज़ैफ़ की जय जयकार कर रहे थे।

ग़ौरतलब है कि लेबनानी समाचार पत्र अलअख़बार ने अपनी एक ताज़ा रिपोर्ट में अलक़स्साम ब्रिगेड के कमान्डर मोहम्मद अज़्ज़ैफ़ का परिचय कराया है जिनकी हत्या करने के लिए इस्राईल के दो ख़ुफ़िया मिशन हालिया कुछ दिन के दौरान विफल हो चुके हैं।

अलअख़बार की रिपोर्ट के अनुसार कल रात तक इस्राईली कह रहे थे कि सेना ने दो बार अलक़स्साम ब्रिगेड के चीफ़ कमान्डर मुहम्मद अज़्ज़ैफ़ की हत्या की कोशिश की किन्तु हर बार उन्हें नाकामी हुयी।

कुछ दिन पहले अमरीकी समाचार पत्र न्यूयार्क टाइम्ज़ ने इस्राईल की कुख्यात ख़ुफ़िया एजेन्सी मोसाद के एक एजेन्ट के हवाले से बताया कि मुहम्मद अज़्ज़ैफ़ की हत्या करने के लिए कम से कम 8 बार ख़ुफ़िया मिशन अंजाम दिया गया

रिपोर्ट में बताया गया है कि उसका नाम मुहम्मद दय्याब इब्राहीम अलमिस्री है जो अबू ख़ालिद के नाम से प्रसिद्ध है। यह वही है जो 90 के दशक में तलाशी की कार्यवाहियों के दौरान एक घर से दूसरे घर में शरण लेने पर मजबूर था और लोगों में अज़्ज़ैफ़ अर्थात ईश्वर के मेहमान के नाम से प्रसिद्ध हो गया।

इस्माईल हनीया ने अपने बयान में कहा कि हम इस्लामी गणतंत्र ईरान का शुक्रिया अदा करते हैं जिसने ग़ज़्ज़ा में प्रतिरोध की मदद में ज़रा भी संकोच नहीं किया।


अपना कमेंट भेजें

आपका ईमेल शो नहीं किया जायेगा. आवश्यक फ़ील्ड पर * का निशान लगा है

*