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भारत में नए कृषि कानूनों की वापसी पर किसानों की ओर से मंगलवार को भारत बंद, ज़्यादातर विपक्षी दलों का समर्थन

भारत में नए कृषि कानूनों की वापसी पर किसानों की ओर से मंगलवार को भारत बंद, ज़्यादातर विपक्षी दलों का समर्थन

भारत में किसानों को लगभग सभी विपक्षी दलों की ओर से भारत बंद का समर्थन मिल गया है और मंगलवार को पूरे भारत में हड़ताल रहेगी।

आंदोलनकारी किसानों ने मंगलवार 8 दिसम्बर को सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक देशव्यापी हड़ताल करने की घोषणा की है। किसानों के इस ऐलान के मद्देनज़र सोमवार को भारत की केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए भारत बंद के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को क़ानून व्यवस्था बनाए रखने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराने और हर प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने का भी आदेश दिया गया है।

 

किसान संगठनों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगें न मानीं तो वे अपने आंदोलन को और तेज़ कर देंगे। किसानों ने कहा है कि दिल्ली पहुंचने वाली सड़कें पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी और किसी को भी दिल्ली से बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। किसानों के भारत बंद को कांग्रेस, टीआरएस, द्रमुक, शिवसेना, समाजवादी पार्टी, एनसीपी, टीएमसी, आरजेडी, आप और वामदलों ने समर्थन दिया है। इसके अलावा दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी बंद का समर्थन किया है। आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ ने इस बंद से अलग रहने की घोषणा की है।


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