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भारत ने ईरान से तेल ख़रीदने में दिखाई दिलचस्पी, दो वजह से भारत की ईरान से तेल ख़रीदने में रूचि...

भारत ने ईरान से तेल ख़रीदने में दिखाई दिलचस्पी, दो वजह से भारत की ईरान से तेल ख़रीदने में रूचि...

भारतीय तेल कंपनियों इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम ने ईरान से तेल ख़रीदने में दिलचस्पी दिखाई है।

इंडियन ऑयल ने कहा है कि ईरान के ख़िलाफ़ अमरीकी पाबंदियां हटने की स्थिति वह ईरान से तेल का आयात फिर से शुरू कर देगी।

इंडियन ऑयल के महानिदेशक एस के गुप्ता ने भारतीय पूंजिपतियों को वीडियो कॉन्फ़्रेंस के ज़रिए संबोधित करते हुए कहाः ईरान के ख़िलाफ़ पाबंदियां हटने पर हम उससे तेल ख़रीदेंगे क्योंकि ईरानी तेल भारतीय रिफ़ाइनरियों के अनुकूल है। उन्होंने बताया कि भारतीय रिफ़ाइनरियाँ ने ज़रूरी तय्यारी कर ली है, पाबंदी हटते ही ईरान के साथ तेल समझौते पर दस्तख़त करेंगी।

ग़ौरतलब है कि 2020-21 में इराक़ भारत को तेल निर्यात करने वाला सबसे बड़ा देश था। उसके बाद सऊदी अरब, फिर यूएई थे। नाइजीरिया और अमरीका क्रमशः चौथे और पांचवें नंबर पर थे। इससे पहले तक भारत ईरान का दूसरा सबसे बड़ा तेल का ग्राहक था। भारत अपनी ज़रूरत का 85 फ़ीसदी तेल आयात करता है।

ईरान की ओर से तेल ख़रीदने पर लंबे समय तक भुगतान की सहूलत और कम दूरी की वजह से परिवहन लागत में कमी, वे अहम बिन्हु हैं जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए लाभदायक साबित हो सकते हैं।

ईरान, भारतीय कंपनियों के तेल की क़ीमत चुकाने के लिए 60 दिन का वक़्त देता है जबकि इराक़, सऊदी अरब, यूएई, नाइजीरिया और अमरीका यह सहूलत नहीं देते और इन देशों के यहाँ से परिवहन लागत भी ज़्यादा आती है।

इंडियन पेट्रोलियम के साथ साथ भारत पेट्रोलियम कंपनी की रिफ़ाइनरियां भी पाबंदी हटने की हालत में ईरान से तेल ख़रीदने के लिए तय्यार हैं।

इकनॉमिक टाइम्ज़ के मुताबिक़, भारत पेट्रोलिमय ने कहा है कि पाबंदी हटते ही ईरान से तेल ख़रीदेगी क्योंकि ईरानी तेल दूसरे देशों से 2-25 डॉलर सस्ता पड़ता है।


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