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भाजपा में परिवर्तन की बयार, भाजपा और आरएसएस के बड़े नेता ने जिन्ना पर दिया बड़ा बयान, पार्टी अभी तक चुप...

भाजपा में परिवर्तन की बयार, भाजपा और आरएसएस के बड़े नेता ने जिन्ना पर दिया बड़ा बयान, पार्टी अभी तक चुप...

पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना की तुलना महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल से करने पर आलोचना झेल रहे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बाद अब भाजपा के एक शीर्ष नेता ने कहा है कि अगर मोहम्मद अली जिन्ना को देश का पहला प्रधानमंत्री बनाया जाता तो भारत विभाजन से बच सकता था।

भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य और आरएसएस के मुखपत्र ऑर्गेनाइज़र पत्रिका के पूर्व संपादक शेषाद्री चारी ने कहा कि दुर्भाग्य से हमारे नेताओं ने इस बारे में नहीं सोचा, अगर हमारे नेताओं ने तब इस बारे में सोचा होता और उन्हें प्रधानमंत्री पद की पेशकश की होती तो कम से कम विभाजन नहीं होता, हालांकि ये अलग मुद्दा है कि उनके बाद प्रधानमंत्री कौन बनता, लेकिन उस समय विभाजन नहीं होता।

भाजपा के एक शीर्ष नेता द्वारा इस तरह का बयान देना ऐसे समय में महत्वपूर्ण लगता है, जब मुख्य रूप से अखिलेश यादव के जिन्ना को लेकर उनके बयान की विभिन्न नेताओं विशेष रूप से भाजपा नेताओं ने कड़ी आलोचना की थी, जिनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हैं।

ज्ञात रहे कि उत्तर प्रदेश के हरदोई ज़िले में 31 अक्तूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की 146वीं जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा था कि सरदार पटेल, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और जिन्ना ने एक ही संस्थान में पढ़ाई की और बैरिस्टर बने, उन्होंने भारत को आजादी दिलाने में मदद की और कभी किसी संघर्ष से पीछे नहीं हटे।

उनके इस बयान की भाजपा ने तीखी आलोचना की है और उनके बयान को शर्मनाक बताते हुए पार्टी के नेताओं ने उनसे माफ़ी की मांग की थी। 


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