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बगराम छावनी को तो छोड़ना ही नहीं चाहिए था, बाइडेन ने यह बहुत ग़लत कियाः ट्रम्प

बगराम छावनी को तो छोड़ना ही नहीं चाहिए था, बाइडेन ने यह बहुत ग़लत कियाः ट्रम्प

अफ़ग़ानिस्तान से अमरीकी सैनिकों की वापसी को लेकर अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति ने इस देश के वर्तमान राष्ट्रपति की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि बाइडेन ने बगराम छावनी को छोड़कर बहुत बड़ी ग़लती की है।

ट्रम्प का कहना है कि चीन से निकट होने के कारण बाइडेन को बगराम छावनी या बगराम एयरबेस को किसी भी हालत में छोड़ना नहीं चाहिए था।

स्पूतनिक समाचार एजेन्सी के अनुसार डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को एक साक्षात्कार में कहा कि अफ़ग़ानिस्तान की बगराम छावनी को छोड़ना अमरीका के लिए बहुत नुक़सानदेह साबित हुआ है।

फाक्स न्यूज़ को दिये इन्टरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि हमारी योजना यह थी कि बग़राम छावनी को अपने ही नियंत्रण में रखा जाए क्योंकि यह छावनी चीन से नज़दीक है जिसके कारण चीन के परमाणु प्रतिष्ठान हमारी गिरफ़्त में होते।

ट्रम्प ने यह दावा किया कि बगराम सैन्य छावनी से चीन के वे परमाणु प्रतिष्ठान बहुत निकट है जहां पर चीनी परमाणु बम तैयार करते हैं।

ट्रम्प ने यह भी कहा कि हमने यह योजना तैयार की थी कि अमरीकी सैनिकों के अफ़ग़ानिस्तान से निकल जाने के बाद उन सभी छावनियों को बमबारी करके नष्ट कर दिया जाता जहां पर अमरीकी सैनिक रहते थे।  यह काम इसलिए किया जाना था ताकि अफ़ग़ानी उसका प्रयोग बाद में न कर सकें।

याद रहे कि अमरीकी सैनिकों ने 2 जूलाई को बगराम छावनी ख़ाली कर दी थी और उसके 44 दिनों के बाद तालेबान ने उसपर क़ब्ज़ा कर लिया।

उल्लेखनीय है कि अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल से 45 किलोमीटर की दूरी पर बगराम सैन्य छावनी या बगराम एयरबेस स्थित है।  पिछले 20 वर्षों से यह छावनी अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैन्य कार्यवाही का केन्द्र रही है।  बगराम सैन्य छावनी के भीतर हेलीपैड, अस्पताल और बंदीगृह था जिसमें सैकड़ों नहीं हज़ारों लोगों को रखा जा सकता था।


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