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फ़ॉरेन पॉलीसीः बाइडन भले ही इंकार करें मगर अफ़ग़ानिस्तान और वियतनाम से अमरीका के बाहर निकलने में ढेरों समानताएं हैं

फ़ॉरेन पॉलीसीः बाइडन भले ही इंकार करें मगर अफ़ग़ानिस्तान और वियतनाम से अमरीका के बाहर निकलने में ढेरों समानताएं हैं

जब अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडन से पूछा गया कि क्या अफ़ग़ानिस्तान से अमरीका के बाहर निकलने और वियतनाम से उसके अपमानजनक निष्कासन में समानताएं हैं तो उन्होंने बड़ी कड़ाई से इसका खंडन कर दिया।

मगर फ़ॉरेन पॉलीसी ने माइकल हर्श का एक लेख प्रकाशित किया है जिसमें लेखक का मानना है कि बाइडन ने समानता का खंडन करने में जल्दबाज़ी कर दी। बाइडन का कहना था कि जब अमरीकी सेना ने वियतनाम छोड़ा तो उस समय उत्तरी वियतनाक की सेना वर्तमान तालेबान से बहुत ज़्यादा शक्तिशाली थी। इस समय अफ़ग़ानिस्तान में सरकारी सेना के जवानों की संख्या 3 लाख से ज़्यादा है जिन्हें अमरीका का समर्थन हासिल है और वह पूरी तरह लैस भी है। अफ़ग़ान सेना के पास एयर फ़ोर्स भी है जबकि तालेबान की कुल संख्या 75 हज़र है। इसका मतलब यह है कि अफ़ग़ान प्रशासन उस तरह ध्वस्त नहीं होगा जिस तरह दक्षिणी वियतनाम की सरकार ध्वस्त हो गई थी।

हमें इसलिए लगता है कि बाइडन ने समानता का खंडन करने में जल्दबाज़ी कर दी कि यह तो सही है कि उत्तरी वियतनाम की सेना उस समय वर्तमान तलेबान की तुलना में ज़्यादा शक्तिशाली थी लेकिन अफ़ग़ान सेना का हाल यह है कि तालेबान बहुत सारे इलाक़ों पर क़ब्ज़ा कर चुके हैं।

अगर 31 अगस्त तक अमरीकी सेना का निष्कासन पूरा हो जाने के बाद अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा और रक्तपात बढ़ता है तो रिपब्लिकन्स अफ़ग़ानिस्तान को बाइडन का वियतनाम कहेंगे और इसे आने वाले चुनावों में अपना नारा बनाएंगे।

वर्जीनिया से डेमोक्रेट सांसद जेरी कोनोली ने मई में प्रतिनिधि सभा की एक हियरिंग में कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान से अमरीका की वापसी और वियतनाम से अमरीकी सेना के निष्कासन में कुछ भयानक समानताएं हैं। अमरीका की रणनीति यह है कि अपना नुक़सान कम करने के लिए वहां से निकल भागे और बैठ कर यह कामना करे कि अफ़ग़ानिस्तान में हालात में सुधार हो जाए। यानी अगर वहां संकट पैदा होता है तो इससे हमें कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।

अफ़ग़ानिस्तान में पूर्व अमरीकी राजदूत रयान क्रोकर और कुछ अन्य टीकाकारों का मानना है कि बाइडन ने जो समझौता तालेबान से किया है वह रिचर्ड निकसन के उस समझौते की तरह है जो उन्होंनें पैरिस में दक्षिणी वियतनाम की सरकार को हाशिए पर डाल कर उत्तरी वियतनाम से किया था।

बाइडन ने तालेबान से बात की और अफ़ग़ान सरकार से केवल ज़बानी वादे किए। यही काम निकसन ने दक्षिणी वियतनाम की सरकार से किया था।

स्रोतः फ़ॉरेन पॉलीसी


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