पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का अमरीका से स्वतंत्र नीति अपनाने पर बल

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का अमरीका से स्वतंत्र नीति अपनाने पर बल

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने अमरीका के संबंध में अपनी सरकार की नई नीतियों को बयान करते हुए कहा कि इस्लामाबाद, वाशिंग्टन की नीतियों का अनुसरण नहीं करेगा और वाइट हाऊस को इस्लामाबाद को अपना नौकर नहीं समझना चाहिए।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि अमरीका पाकिस्तान को अपना दोस्त न कि नौकर समझे क्योंकि वाशिंग्टन को अफ़ग़ानिस्तान में शांति व सुरक्षा की स्थापना और अफ़ग़ानिस्तान से अपने सैनिकों की सुरक्षित वापसी के लिए इस्लामाबाद के सहयोग की आवश्यकता है। 

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध में सहायता के बारे में अमरीका द्वारा वचनों के उल्लंघन की आलोचना करते हुए कहा कि उनके देश ने अफ़ग़ान युद्ध में लगभग 80 अरब डाॅलर का नुक़सान उठाया किन्तु अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका को लगभग 20 अरब डाॅलर का नुक़सान रहा है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का यह बयान एेसी स्थिति में समाने आया है कि अमरीकी विदेशमंत्री माइक पोम्पियो ने पाकिस्तान के नये प्रधानमंत्री से टेलीफ़ोनी वार्ता में दोनों देशों के बीच सार्थक सहयोग की आशा व्यक्त की। अमरीकी सरकार पाकिस्तान पर दबाव डाल कर डू मोर की मांग कर रही है। वाशिंग्टन ने पाकिस्तान को यह भी धमकी दी है कि वह सैन्य प्रशिक्षण के बारे में पाकिस्तान से संबंध तोड़ लेगा।

टीकाकारों का कहना है कि पाकिस्तान में इमरान ख़ान की नई सरकार के सत्ता में आने से इस्लामाबाद की नीतियों में परिवर्तन आएगा और वह अमरीका के साथ अपने संबंधों को मज़बूत करने के बजाए अफ़ग़ान सरकार के साथ अपने संबंधों को मज़बूत करने का प्रयास करेेगी। 


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