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पाकिस्तान क्वेटा, में "फिलिस्तीनी लोगों के इंतिफाज़ा का समर्थन" पर बैठक

पाकिस्तान क्वेटा, में

शिया और सुन्नी विचारकों की बैठक फिलिस्तीनी राष्ट्र के इंतिफाज़ा के समर्थन के शीर्षक के साथ पाकिस्तान के बलूचिस्तान के क्वेटा शहर में आयोजित की गई।इस समारोह में जो कल शाम (30 मई) को अल्लामा मक़्सूद अली दोमकी मजलिसे वहदते मुस्लिमीन पार्टी के वरिष्ठ अधिकारी....

(ABNA24.com) शिया और सुन्नी विचारकों की बैठक फिलिस्तीनी राष्ट्र के इंतिफाज़ा के समर्थन के शीर्षक के साथ पाकिस्तान के बलूचिस्तान के क्वेटा शहर में आयोजित की गई।इस समारोह में जो कल शाम (30 मई) को अल्लामा मक़्सूद अली दोमकी मजलिसे वहदते मुस्लिमीन पार्टी के वरिष्ठ अधिकारी, कुवैटा के राजनीतिक और धार्मिक शख्सियतों और क्वेटा शहर में मीडिया कार्यकर्ताओं के एक समूह की मौजूदगी में आयोजित किया गया, जहाँ वक्ताओं ने पीड़ित फिलिस्तीनी लोगों का समर्थन जारी रखने की नीति के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने बैठक में Qods Day पर विरोध रैली का समर्थन करते हुए, कहा: फिलिस्तीनी लोगों के प्रतिरोध और स्वतंत्रता की निरंतरता ज़ायोनी शासन से लड़ने के लिए सबसे महत्वपूर्ण तरीका है, और शहीदों का खून फिलिस्तीन को जीत दिलाएगा।

पाकिस्तानी विचारक अताउर्रहमान ने भी फिलिस्तीनी मामले को इस्लामी दुनिया का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण विषय माना और कहा: "दुर्भाग्य से, कुछ अरब राजनेताओं और इस्लामिक राज्यों ने फिलिस्तीन को पीछे छोड़ दिया और इस घटना के बारे में साजिश रची है।

ब्लूचिस्तान के राजनीतिक कार्यकर्ता, मलिक अब्दुल काकर ने भी कुछ इस्लामिक देशों की आलोचना करते हुए कहा: इस्लामी उम्मह अभी भी इस महान सेना के बावजूद कुद्स और कश्मीर समस्या का समाधान नहीं कर सकी।

बलूचिस्तान के जमाते इस्लामी के अमीर अब्दुल हक़ हाशमी ने भी इस बात पर जोर देते हुऐ कि फिलिस्तीन को इस्लामी दुनिया का पहला और सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य बनना चाहिए, कहा कि नकली इस्रराईलली शासन की स्थापना ब्रिटिश पुराने उपनिवेशवाद की साजिश थी और आज, इस्लामिक दुनिया को फिलिस्तीन और कश्मीर के मामले का समर्थन करना चाहिए।




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