?>

पश्चिम के दबाव में अपनी नीतियां नहीं बदलेंगेः रूस

पश्चिम के दबाव में अपनी नीतियां नहीं बदलेंगेः रूस

रूस का कहना है कि पश्चिम के प्रतिबंधों और उसके दबाव के कारण हम अपनी नीतियों में कोई भी परिवर्तन नहीं करेंगे।

इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रसंघ में रूस के स्थाई प्रतनिधि "मिखाइल ओल्यानोफ़" ने जर्मनी की ओर से प्रतिबंधों को जारी रखने की घोषणा पर प्रतिक्रिया स्वरूप यह कहा।  उन्होंने कहा कि हमारे पश्चिमी सहयोगियों की स्ट्रैटेजिक भूल यह है कि वे यह समझ बैठे हैं कि पश्चिमी प्रतिबंध, हमें उन नीतियों को बदलने के लिए विवश करेंगे जो हमारी मौलिक नीतियां हैं।  रूसी प्रतिनिधि का कहना था कि पश्चिमी नेता अपनी सोच के हिसाब से फैसले करते हैं जो उनकी सबसे बड़ी ग़लती है।

याद रहे कि जर्मनी के (CDU) दल के नए नेता "आरमीन लैश्त" ने एलान किया है कि रूस पर लगे प्रतिबंधों को हटाने का कोई भी तर्क मौजूद नहीं है।  उन्होंने कहा कि यूक्रेन संकट के समाधान के लिए "मीन्सक" समझौते को लागू करने के उद्देश्य से अघिक प्रयास किये जाने चाहिए।  जर्मनी के सीडीयू दल के नेता ने कहा कि रूस पर प्रतिबंध लगाने का मुख्य कारण माॅस्को की ओर से "करीमे" क्षेत्र पर क़ब्ज़ा करना है।

उल्लेखनीय है कि यूरोपीय संघ ने पूर्वी यूक्रेन से करीमे क्षेत्र के अलग किये जाने और उसके रूस से मिलने के कारण मास्को के विरुद्ध प्रतिबंध लगाए हैं।  येक्रेन के करीमे क्षेत्र में एक जनमत संग्रह के बाद वहां की जनता ने 2014 में इस क्षेत्र के रूस में मिलाए जाने का समर्थन किया था।


अपना कमेंट भेजें

आपका ईमेल शो नहीं किया जायेगा. आवश्यक फ़ील्ड पर * का निशान लगा है

*

پیام رهبر انقلاب به مسلمانان جهان به مناسبت حج 1441 / 2020
conference-abu-talib
We are All Zakzaky
सेंचुरी डील स्वीकार नहीं