शेख नईम क़ासिम:

आतंकवादियों के विरुद्ध हिज़्बुल्लाह की लड़ाई ने ईसाइयों को बचाया।

आतंकवादियों के विरुद्ध हिज़्बुल्लाह की लड़ाई ने ईसाइयों को बचाया।

लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के उप महासचिव ने कहा है कि अरसाल में तकफ़ीरी आतंकवादियों के ख़िलाफ़ हिज़्बुल्लाह की लड़ाई ने लेबनान की जनता विशेष कर ईसाइयों को बचा लिया।

लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के उप महासचिव ने कहा है कि अरसाल में तकफ़ीरी आतंकवादियों के ख़िलाफ़ हिज़्बुल्लाह की लड़ाई ने लेबनान की जनता विशेष कर ईसाइयों को बचा लिया।
शैख़ नईम क़ासिम ने अरसाल में हिज़्बुल्लाह की विजय के बारे में अलआलम टीवी से बात करते हुए कहा कि यह विजय एक राष्ट्रीय उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि तकफ़ीरी आतंकी बहुत बड़ा ख़तरा थे और वे लोगों पर हमले के लिए लेबनान में विस्फोटकों से भरी गाड़ियां और विस्फोटक जेकिटें भेज रहे थे, यहां तक कि वे लेबनानी सेना पर भी हमले कर रहे थे जिनमें कई सैनिक शहीद और घायल हुए हैं। शैख़ नईम क़ासिम ने कहा कि लेबनान के सभी ईसाई हिज़्बुल्लाह के समर्थक हैं और उसका साथ देते हैं। बेक़ा के क्षेत्र में कई ईसाई गांव दाइश और नुस्रा फ़्रंट की गोलाबारी का लक्ष्य बन रहे थे और आतंकी वहां पर विध्वंसक कार्यवाहियां भी कर रहे थे इस लिए इस क्षेत्र की स्वतंत्रता ने उन्हें निश्चिंत कर दिया है।
लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के उप महासचिव ने कहा कि अरसाल की लड़ाई आसान नहीं थी लेकिन हिज़्बुल्ला की ताक़त ने नुस्रा फ़्रंट को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने बताया कि पहले दिन तो नुस्रा फ़्रंट ने कड़ा मुक़ाबला किया और किसी भी तरह की बात चीत के लिए तैयार नहीं हुआ लेकिन अंततः दो दिन बात हिज़्बुल्ला की ताक़त के सामने वह परास्त और बात चीत के लिए तैयार हो गया। हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह ने अरसाल की लड़ाई में विजय पर कहा था कि हम इस विजय को अपने सुन्नी भाइयों को समर्पित करते हैं।


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