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परमाणु समझौते के बारे में देश की नीति बिल्कुल स्पष्ट हैः वरिष्ठ नेता

परमाणु समझौते के बारे में देश की नीति बिल्कुल स्पष्ट हैः वरिष्ठ नेता

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा है कि जेसीपीओए के संबन्ध में ईरान की नीति साफ़ है।

वरिष्ठ नेता ने जेसीपीओए, प्रतिबंध और वार्ता के बारे में कहा कि परमाणु समझौते और प्रतिबंधों के संबन्ध में देश की नीति की पहले ही घोषणा की जा चुकी है।  अधिकारियों के साथ वार्ता में भी यह बात लिखित रूप में ही दी जा चुकी है अतः ईरान की इस संबन्ध में नीति मालूम है कि क्या किया जाए।

आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने बुधवार पहली रमज़ान को पवित्र क़ुरआन के क़ारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कहा कि देश के अधिकारियों की यह सलाह है कि वार्ता की जाए और इसी नीति को आगे बढ़ाया जाए।  इस संबन्ध में कोई बहस नहीं है।  वरिष्ठ नेता ने कहा कि हमें इस बात के प्रति सचेत रहना चाहिए कि वार्ता थका देने वाली न हो क्योंकि इससे देश को नुक़सान होगा।

उन्होंने कहा कि वार्ता पर बल देकर अमरीका का उद्देश्य ग़लत बातों को थोपना है।  इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान का यह कहना है कि पहले अमरीका, प्रतिबंधों को हटाए क्योंकि उनपर भरोसा नहीं किया जा सकता।  वे पहले भी वचनों को तोड़ चुके हैं।  उन्होंने कहा कि यह वह बात है जिसे कुछ यूरोपीय वार्ताकार भी स्वीकार कर चुके हैं और उन्होंने कुछ निजी बैठकों में इसकी पुष्टि की है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने आगे कहा कि अमरीकियों की अधिकांश मांगे या उनके प्रस्ताव, अपमानजनक हैं जो देखने योग्य नहीं हैं।वरिष्ठ नेता ने आशा व्यक्त की है कि देश के अधिकारी ईश्वर पर भरोसा करते हुए दृढ विश्वास के साथ आखें खोलकर आगे बढ़े और राष्ट्र को खुशहाल करें। 


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