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नेतनयाहू ने ज़बरदस्ती कोसोवो के दूतावास का येरुशलम में उद्घाटन कर दिया

नेतनयाहू ने ज़बरदस्ती कोसोवो के दूतावास का येरुशलम में उद्घाटन कर दिया

येरूशलम (बैतुल मुक़द्दस) में कोसोवो के दूतावास के उद्घाटन से बाल्कन और दुनिया भर के करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

ख़ास तौर पर प्रिस्टिना से तिराना तक अल्बानियाई लोग इस क़दम से सख़्त नाराज़ हैं। वे इसे अपनी मान्यताओं के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों के अपमान के रूप में देख रहे हैं। यहां तक कि कोसोवो की राष्ट्रपति वि-जोसा उस्मानी भी इस घटना से हैरान और परेशान हैं और उन्होंने ख़ुद को इससे अलग-थलग कर लिया है।

कई अल्बानियाई बुद्धिजीवियों और राजनेताओं ने इस क़दम का विरोध करते हुए इसे ग़ैर क़ानूनी ठहराया है। इमाम हिसामुद्दीन अबाज़ी, रिजद अमीरी और एड्रियन सेजियु जैसे कई प्रभावशाली लोगों ने तेल-अवीव से दूतावास के स्थानातंरण की निंदा की है और इसे धर्म और अंतर्राष्ट्रीय घोषणापत्रों के ख़िलाफ़ क़रार दिया है।

कोसोवो के नागरिकों ने निवर्तमान सरकार के इस क़दम को फ़िलिस्तीनियों और विश्व भर के मुसमलानों के साथ विश्वासघात बताया है और उनका कहना है कि अगले कुछ महीनों में सत्ता से अलग होने वाली अब्दुल्लाह होति की सरकार अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रही है।

कोसोवो की आबादी लगभग 29 लाख है, जिसमें 95 प्रतिशत मुसलमान हैं।

वास्तव में कोसोवो के दूतावास के येरूशलम में खोलने की घोषणा अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के शासनकाल में की गई थी। ट्रम्प प्रशासन ने कई मुस्लिम देशों की सरकारों पर इस्राईल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के लिए दबाव बनाया था, जिसमें से एक कोसोवो की सरकार थी।     

हालांकि इस्राईल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने वाले समझौते पर हस्ताक्षर करने वाली होति की सरकार फ़रवरी 2021 का चुनाव हार गई। इस चुनाव में एल्बिन कुर्ती के नेतृत्व में विपक्षी पार्टी को 50.28% वोट हासिल हुए। कोसोवो की जनता ने उन सभी राजनीतिक दलों को ठुकरा दिया, जो इस्राईल के साथ संबंधों के सामान्यकरण का समर्थन कर रही थीं। कुर्ती की जीत ने इस्राईल और अमरीका में ज़ायोनी गलियारों में भय उत्पन्न कर दिया।

चुनाव के नतीजों ने पहले मुस्लिम देश के दूतावास को येरूशलम में खोलने के ज़ायोनी शासन के उन सपनों पर पानी फेर दिया, जिसके लिए ज़ायोनी प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने ट्रम्प प्रशासन के साथ मिलकर भूमिका तैयार की थी।

कुर्ती की जीत के 3 दिन बाद 17 फ़रवरी 2021 को नेतनयाहू ने उन्हें बधाई संदेश भेजा और येरूशलम में दूतावास के उद्घाटन के लिए आमतंत्रित किया। एल्बिन कुर्ती ने इसके जवाब में स्पष्ट कर दिया कि उनकी सरकार निवर्तमान सरकार के इस फ़ैसले पर पुनर्विचार करेगी।

कुर्ती के इस जवाब के बाद नेतनयाहू ने ख़ुद ही कोसोवो के दूतावास का येरूशलम में उद्घाटन का फ़ैसला कर लिया और समस्त अंतरराष्ट्रीय नियमों को ताक़ पर रखते हुए 21 मार्च 2021 को येरुशलम में कोसोवो के दूतावास का उद्घाटन कर दिया।


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