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दुनिया के सबसे अमीर बैंकर ने सिर में क्रिकेट बॉल से लगी चोट के बाद कमाए 16 बिलियन डॉलर

दुनिया के सबसे अमीर बैंकर ने सिर में क्रिकेट बॉल से लगी चोट के बाद कमाए 16 बिलियन डॉलर

अगर एक जानलेवा क्रिकेट दुर्घटना नहीं हुई होती, तो आज उदय कोटक शायद दुनिया के सबसे अमीर बैंकर नहीं होंते।

एक बॉल सिर में आकर लगी, जिसने उन्हें बुरी तरह से घायल कर दिया। एक जटिल सर्जरी के बाद 20 वर्षीय कोटक को एक पेशेवर क्रिकेटर बनने का सपना छोड़ना पड़ा। इस चोट ने कोटक की दिशा ही बदल दी।

क्रिकेट में कैरियर बनाने का सपना छोड़ने के बाद, कोटक ने परिवार के कॉटन-ट्रेडिंग बिज़नेस में कुछ समय बिताया। फिर मुंबई के जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट से उन्होंने एमबीए किया और 1985 में 26 साल की उम्र में फ़ाइनेंस की शुरुआत की।

ब्लूमबर्ग बिलियनायर्स इंडेक्स के मुताबिक़, उदय कोटक आज 16 अरब डॉलर के मालिक हैं।

ऐसे समय में जब भारतीय बैंक ऋण संकट और देश आर्थिक मंदी से जूझ रहा है, उनका कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड भीड़ से ऊपर उठने में सफल रहा है और उसने पिछले दो साल से अधिक समय से, जोखिम भरे क्षेत्रों में धीमी गति से ऋण देकर निवेशकों का भरोसा जीता है।

कोविड-19 महामारी के दौरान बैंक की रणनीति कुछ ऐसी रही कि कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में इस साल 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई। फ़िलहाल इसका शेयर 1968 के आस-पास कारोबार कर रहा है। उदय कोटक अगले तीन साल तक बैंक के एमडी और सीईओ बने रहेंगे।

गुजरात के रहने वाले उदय कोटक ने 1985 में दोस्तों और रिश्तेदारों से 30 लाख रुपए उधार लेकर इन्वेस्टमेंट कंपनी की शुरुआत की थी। बाद में उन्होंने महिंद्रा ग्रुप के साथ एक एग्रीमेंट किया। इसी एग्रीमेंट के बाद इस इन्वेस्टमेंट कंपनी ने अपना आगे विस्तार किया। इसमें बैंकिंग, बीमा, म्यूचुअल फ़ंड और लोन देना शामिल था। 2003 में आरबीआई ने इसे बैंक का लाइसेंस दे दिया और इसी के बाद कोटक महिंद्रा बैंक की शुरुआत हुई।

कोटक का बैंक उस देश में है, जहां बैंकों के पास दुनिया में सबसे ख़राब ऋण अनुपात (bad-loan ratios) है। कोटक महिंद्रा बैंक ने ख़तरनाक सेक्टरों में लोन देने से परहेज़ किया। भरोसेमंद कंपनियों को लोन दिया। गवर्नेंस पर फोकस किया। यही कारण है कि मार्च में इसके शेयर का भाव 1,000 रुपए था। गुरुवार को यह एक साल के ऊपरी स्तर 1968 पर पहुंच गया।

महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा कहते हैं कि जहां तक मेरा मानना है, दुनिया का सबसे अमीर बैंकर बनना उदय की सिर्फ़ एक विशेषता है। दरअसल, वह दुनिया के सबसे स्मार्ट बैंकर हैं। महिंद्रा ने कहा कि सबसे ज़रूरी बात यह है कि उदय को इस बात की समझ है कि बैंक की सफलता के लिए कौन सी चीजें ज़रूरी हैं। उन्हें पता है कि सिर्फ़ अच्छी रणनीति ही नहीं बल्कि अजेय शासन (unassailable governance) भी ज़रूरी होता है।

कोटक महिंद्रा बैंक ने छोटी और मझोली कंपनियों और असुरक्षित व्यक्तियों को क़र्ज देना कम कर दिया। इसका बैड लोन अनुपात 2020 में बढ़ा है, लेकिन यह बाक़ी बैंकों की तुलना में काफ़ी कम है। मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के लिहाज़ से यह देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक है।


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