?>

तुर्की के रवैए पर यूरोपीय संघ नाराज़, कड़ी कार्यवाही की तैयारी...अर्दोग़ान ने कहा धमकी बर्दाश्त नहीं, रणनैतिक अंधेपन से बाहर निकले यूरोप

तुर्की के रवैए पर यूरोपीय संघ नाराज़, कड़ी कार्यवाही की तैयारी...अर्दोग़ान ने कहा धमकी बर्दाश्त नहीं, रणनैतिक अंधेपन से बाहर निकले यूरोप

यूरोपीय संघ के विदेशी मामलों के प्रभारी जोज़ेब बोरेल ने कहा कि कूटनीति बनाई ही इसीलिए गई है कि विवादों को शांतिपूर्ण बातचीत से निपटाया जाए और यूरोपीय संघ तुर्की के मामले में यही करना चाहता है दूसरी ओर तुर्क राष्ट्रपति अर्दोग़ान ने कहा कि वार्ता तो महत्वपूर्ण है मगर धमकी सहन नहीं है।

बोरेल ने सोमवार को ब्रसेल्ज़ में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद कहा कि तुर्की के साथ यूरोपीय संघ के संबंध किस प्रकार के हों इसका फ़ैसला शिखर बैठक में किया जाएगा जो 10 और 11 दिसम्बर को आयोजित होने वाली है जबकि विदेश मंत्रियों ने इस मुद्दे पर सारी आवश्यक जानकारियां एकत्रित कर ली हैं।

बोरेल ने कहा कि हमने भूमध्यसागर के हालात पर चर्चा की और यूरोपीय संघ के साथ तुर्की के संबंधों का मुद्दा विस्तार से विमर्श में आया। बोरेल ने यह भी कहा कि तुर्की के बारे में विदेश मंत्रियों का आंकलन सकारात्मक नहीं है। उन्होंने कहा कि तुर्की भूमध्यसागर में विवादित जलक्षेत्रों में एकपक्षीय रूप से गैस और तेल भंडारों की खोज का काम जारी रखे हुए है अब इस स्थिति पर केवल यूनान नहीं बल्कि सारे यूरोपीय देशों की ओर से क़दम उठाए जाने की ज़रूरत है।

बोरेल ने यह भी कहा कि हमने पिछली यूरोपीय शिखर बैठक के बाद से अब तक कोई प्रगति नहीं देखी है।

इससे पहले जर्मनी के विदेश मंत्री हाइको मास ने कहा कि उनके देश ने तुर्की और यूरोपीय संघ के बीच वार्ता के चैनल खुलवाने की बड़ी कोशिश की लेकिन साइप्रस और यूनान के साथ तुर्की के गहरे विवाद के चलते वार्ता शुरू नहीं हो सकी।

मास ने कहा कि हम चाहते हैं कि भूमध्यसागर में तुर्की की गतिविधियों पर क्या क़दम उठाया जाए इस बारे में यूरोपीय संघ के बीच आम सहमति हो।

यूनान के विदेश मंत्री निकोस दन्दियास ने सोमवार को कहा कि तुर्की ने यूरोपीय संघ की सदभावना का उचित जवाब नहीं दिया इसलिए तुर्की के रवैए पर यूरोपीय संघ की ओर से कार्यवाही की जानी चाहिए।

दूसरी ओर तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान ने यूरोपीय संघ की धमकी को ख़ारिज करते हुए कहा कि भूमध्यसागर के बारे में यूरोप रणनैतिक अंधेपन से बाहर निकले। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के लिए उचित नहीं है कि यूनान की इच्छा के अनुसार सारे क़दम उठाए। अर्दोग़ान ने कहा कि तुर्की भूमध्यसागर में तनाव नहीं बढ़ा रहा है बल्कि विवाद को न्यायसंगत ढंग से हल करने की कोशिश कर रहा है।


अपना कमेंट भेजें

आपका ईमेल शो नहीं किया जायेगा. आवश्यक फ़ील्ड पर * का निशान लगा है

*